बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर शहर के आलमगंज मालीवाड़ा में मंगलवार दोपहर जो हुआ, उसने पूरे बुरहानपुर को हिला दिया। 23 साल की फर्नीचर डिजाइनर निकिता सुरागे को बात करने के बहाने बुलाया गया, विवाद हुआ, हाथापाई हुई और फिर चाकू घोंप दिया गया। खून से लथपथ निकिता सड़क पर गिरी तो इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग दौड़े, परिवार बदहवास हुआ, अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही देर में डॉक्टरों ने मौत घोषित कर दी। शहर के बीचोंबीच हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
निकिता कोई सामान्य युवती नहीं थी; वह अपने परिवार का सहारा थी। खंडवा मूल निवासी परिवार की यह बेटी बुरहानपुर में अपनी बहनों के साथ रहकर घर चला रही थी। दो साल से फर्नीचर डिजाइनिंग का काम कर रही थी, कमाई से घर का खर्च उठाती थी और बहनों का सहारा बनी हुई थी। लेकिन मंगलवार को उसी काम से जुड़े विवाद ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।
फोन आया— बात करनी है, पहुंचते ही बिगड़ गया माहौल
मृतका की छोटी बहन स्नेहा के अनुसार निकिता का एक दिन पहले दुकान संचालक से विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने साफ कह दिया था कि अब वह काम पर नहीं जाएगी। मंगलवार को दुकान संचालक के परिवार की ओर से संदेश आया कि कुछ बात करनी है, जिसके बाद निकिता अपनी बहन के साथ आलमगंज पहुंची।
स्नेहा का आरोप है कि वहां पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। बातचीत शुरू होने से पहले ही हाथापाई शुरू कर दी गई। निकिता को घेरकर धक्का-मुक्की की गई। बहन के अनुसार जब निकिता वहां से निकलकर लौटने लगी, तभी अर्जुन सुगंधी ने चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी।
बहन बोली— चाबी लेने गई, पीछे से कर दिया हमला
स्नेहा ने बताया कि विवाद के दौरान उनकी गाड़ी की चाबी फेंक दी गई थी। जब वह चाबी उठाने गई, उसी दौरान निकिता अकेली पड़ गई और पीछे से हमला कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि अर्जुन सुगंधी समेत उसके परिवार के अन्य सदस्य भी विवाद के दौरान मौजूद थे।
प्रेम प्रसंग का एंगल: मना करने के बाद बढ़ा तनाव
मामले में प्रेम प्रसंग की चर्चा ने वारदात को और गंभीर बना दिया है। स्नेहा के मुताबिक बड़े भाई अजय सुगंधी निकिता को पसंद करते थे, लेकिन निकिता ने साफ मना कर दिया था। इसी बात को लेकर घर और दुकान दोनों जगह तनाव बना हुआ था। निकिता लगातार दबाव महसूस कर रही थी और इसी कारण उसने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया था। परिजनों का आरोप है कि इनकार के बाद व्यवहार बदल गया था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।
एक दिन पहले घर आकर बोली थी— अब वहां नहीं जाऊंगी
मृतका की मामी प्रमिला मेहरा ने बताया कि सोमवार शाम निकिता घर आई थी और उसने कहा था कि दुकान में उससे गलत तरीके से बात की गई है। उसने साफ कहा था कि जब तक माफी नहीं मिलेगी, वह वापस नहीं जाएगी। मंगलवार को फोन आने पर वह गई और कुछ ही देर में खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंच गई। मामी ने कहा— हमें नहीं पता किसने मारा, लेकिन जिसने भी किया उसे फांसी मिलनी चाहिए।
अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम के बाहर रोता रहा परिवार
घटना के बाद पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बहनें बदहवास थीं और रिश्तेदार लगातार न्याय की मांग कर रहे थे।
सिंधीपुरा गेट पर फूटा गुस्सा
शाम होते-होते मामला सड़क पर पहुंच गया। परिजन और क्षेत्रीय लोग सिंधीपुरा गेट के पास इकट्ठा हो गए। लोगों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी धाराओं में केस दर्ज करने और मकान तोड़ने जैसी कार्रवाई की मांग की। कुछ देर तक सड़क पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस को अतिरिक्त बल लगाना पड़ा।
पुलिस ने घेरा इलाका, कई लोगों से पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही गणपति नाका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सीएसपी गौरव पाटील भी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। फर्नीचर मार्ट से जुड़े एक युवक को भी पूछताछ के लिए रोका गया। गणपति नाका थाना प्रभारी सुरेश महाले ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत भेजी गई थी। घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस बोली— मर्ग कायम, हर एंगल पर जांच
सीएसपी गौरव पाटील ने बताया कि आलमगंज मालीवाड़ा वार्ड क्रमांक 22 से युवती को चाकू मारने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बयान और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी प्रेम प्रसंग, पुराना विवाद और आपसी तनाव सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।