बुरहानपुर। सायबर अपराधियों के खिलाफ बुरहानपुर पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में सायबर सेल बुरहानपुर ने प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए सायबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 194 मोबाइल नंबरों को बंद करा दिया। ये नंबर कॉल और एसएमएस के जरिए आमजन को ठगने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
सायबर सेल के अनुसार, 1930 सायबर हेल्पलाइन और नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों की तकनीकी जांच के दौरान इन मोबाइल नंबरों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि एयरटेल के 92 मोबाइल नंबर, रिलायंस जियो के 62 मोबाइल नंबर, वोडाफोन–आईडिया के 39 मोबाइल नंबर, बीएसएनएल का 1 मोबाइल नंबर सायबर जालसाजों द्वारा धोखाधड़ी के लिए उपयोग में लाए जा रहे थे। सभी नंबरों को संबंधित कंपनियों से समन्वय कर तत्काल बंद कराया गया।
ठगी से पहले ही तोड़ दी सायबर जाल
एसपी देवेन्द्र पाटीदार ने कहा कि यह कार्रवाई प्रिवेंटिव है, यानी ठगी होने से पहले ही ठगों के नेटवर्क को तोड़ा गया है। इन नंबरों से फर्जी कॉल, लॉटरी, केवाईसी अपडेट, बैंक अकाउंट ब्लॉक, ओटीपी और लिंक भेजकर लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही थी।
सायबर सेल की टीम की अहम भूमिका
यह पूरी कार्रवाई सायबर सेल प्रभारी प्रीतम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में की गई। टीम में आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर और धर्मेंद्र रावत शामिल रहे। टीम ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से तकनीकी सत्यापन कर नंबरों को ब्लॉक कराया।
आमजन से अपील
सायबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि वे संचार साथी पोर्टल (TAFCOP) के जरिए अपने नाम पर चल रहे सभी मोबाइल नंबरों की जांच करें और यदि कोई अनावश्यक या अज्ञात नंबर मिले, तो उसे तुरंत बंद कराएं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाए या कोई संदिग्ध कॉल आए तो बिना देरी किए
- 1930 पर कॉल करें, या
- www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
जिले के सभी थानों में सायबर हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है, जहां सायबर से जुड़ी शिकायतें तुरंत दर्ज की जा सकती हैं।
सायबर सुरक्षा के जरूरी टिप्स
- किसी भी संदिग्ध लिंक, ईमेल, APK फाइल या ऐप पर क्लिक न करें।
- OTP, पासवर्ड और UPI पिन किसी को न बताएं।
- केवल आधिकारिक कस्टमर केयर नंबरों से ही संपर्क करें।
- ठगी की स्थिति में पहला घंटा सबसे अहम होता है—तुरंत शिकायत करने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ती है।
पुलिस का संदेश साफ है— सतर्क रहें, सावधान रहें और सायबर अपराध से खुद को सुरक्षित रखें।