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सांसद पाटील का दावा: आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी रफ्तार… रिंकू टांक का हमला: महंगाई-बेरोजगारी पर चुप्पी
बुरहानपुर। केंद्र सरकार ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया और बुरहानपुर में तुरंत ही राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई। भाजपा ने बजट को “विकसित भारत” की दिशा में मजबूत कदम बताते हुए हर वर्ग को राहत देने वाला करार दिया, जबकि कांग्रेस ने इसे “जनविरोधी, किसान-मजदूर विरोधी और जनता को भ्रमित करने वाला” बजट बता कर तीखा हमला बोला।
बजट का सीधा प्रसारण इंदिरा कॉलोनी स्थित परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में किया गया। ऑडिटोरियम के एमआईसी हॉल में बजट सुनने के लिए भाजपा नेता-पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि व्यापारी, उद्योगपति और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी बड़ी संख्या में पहुंचे।
ऑडिटोरियम में बजट का ‘लाइव शो’, हर घोषणा पर चर्चा
लाइव प्रसारण के दौरान ऑडिटोरियम में बजट को लेकर माहौल पूरी तरह गर्म रहा। स्क्रीन पर वित्त मंत्री का भाषण चलते ही लोग टैक्स, रोजगार, उद्योग, योजनाओं और निवेश जैसे मुद्दों पर आपस में चर्चा करते नजर आए। इस मौके पर बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, महापौर माधुरी अतुल पटेल, पूर्व महापौर अतुल पटेल, जिला महामंत्री चिंतामन महाजन, ईश्वर चौहान, संजय जाधव सहित भाजपा के जिला, मंडल व मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं बार एसोसिएशन, टेक्सटाइल ट्रेडर्स, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, फर्नीचर एसोसिएशन, इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी, उद्योगपति और दस्तावेज लेखक जैसे कई संगठनों के प्रतिनिधि भी आमजनों के साथ बजट भाषण देखते नजर आए।
सांसद पाटील का दावा: आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई रफ्तार
खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने बजट को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा यह बजट अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। सांसद ने दावा किया कि बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं देश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी।
उन्होंने बताया कि छोटे उद्योगों के लिए 2 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा निर्माण के लिए बायो फार्मा स्कीम लाई गई है। साथ ही छोटे शहरों में तीर्थ स्थलों के विकास को भी बजट में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 की ओर तेजी से बढ़ रहा है और बजट “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र को साकार करेगा।
अर्चना चिटनिस बोलीं— महिलाओं के लिए खास, टैक्स फैसले सराहनीय
विधायक अर्चना चिटनिस ने बजट को लेकर कहा कि यह बजट महिलाओं के लिए भी खास रहा। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स को लेकर लिए गए निर्णय सराहनीय हैं और इससे मध्यम वर्ग को राहत का संदेश गया है।
कांग्रेस का पलटवार: जनविरोधी, किसान-मजदूर विरोधी बजट
भाजपा के दावों के बीच कांग्रेस ने बजट पर जोरदार हमला बोला। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने कहा कि केंद्रीय बजट पूरी तरह जनविरोधी, किसान विरोधी, मजदूर विरोधी और मध्यम वर्ग को निराश करने वाला है। उन्होंने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी, गिरती आय और बढ़ते कर्ज की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन ज्वलंत मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता।
रिंकू टाक ने कहा कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों से आम आदमी परेशान है, लेकिन बजट में महंगाई कम करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट “सबका साथ सबका विकास” नहीं, बल्कि चंद पूंजीपतियों का विकास है। साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कागजों तक सीमित रह गया।
अर्थशास्त्री प्रो. उर्मिला चौकसे: “इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, यह विकसित भारत का बजट”
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद की उपाध्यक्ष एवं अर्थशास्त्री प्रो. उर्मिला चौकसे ने इसे विकसित भारत का बजट बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय घाटे को जीडीपी के 4.3% तक रखने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही आयकर अधिनियम 2025 को अप्रैल 2026 से लागू करने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बजट में रेल कॉरिडोर, रासायनिक पार्क और दुर्लभ मिट्टी गलियारों जैसे क्षेत्रों पर फोकस रखा गया है, जिससे औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
प्रो. चौकसे ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह नौवां बजट है और यह भी खास रहा कि 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन बजट पेश हुआ, जो संसद के इतिहास में दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि 2026-27 का बजट MSME, ग्रामीण विकास और कौशल प्रशिक्षण के जरिए रोजगार बढ़ाने और बेरोजगारी घटाने की दिशा में मददगार साबित होगा।
जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और “आत्मनिर्भर भारत” की लाइन
प्रो. चौकसे ने आर्थिक सर्वेक्षण के हवाले से बताया कि FY26 में GDP वृद्धि 7.4% और FY27 में 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। उनका कहना है कि इससे भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, MSME, कृषि और रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर यह बजट “विकसित भारत” की तरफ मजबूत कदम है।