बुरहानपुर। जिले में बीते दिनों आई तेज आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर जैसे पानी फेर दिया। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक सुनहरी फसलें लहलहा रही थीं, आज वहीं खेत बिखरी हुई बालियों, गिरी हुई फसल और टूटे हुए केले के पौधों की तस्वीर बन चुके हैं। कई किसानों के लिए यह सिर्फ “फसल का नुकसान” नहीं, बल्कि पूरे साल की उम्मीदों का टूटना है… और घर की रसोई से लेकर बच्चों की फीस तक की चिंता है।
ऐसे ही दर्द और चिंता के बीच सांसद ज्ञानेश्वर पाटील शुक्रवार को खुद खेतों में पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया, खेतों की हालत देखी और किसानों से सीधा संवाद किया। सांसद श्री पाटिल ने साफ शब्दों में कहा संकट की इस घड़ी में सरकार आपके साथ खड़ी है, नुकसान की भरपाई हर हाल में होगी।
खेतों में जाकर खुद देखा नुकसान… किसानों की बात सुनकर भावुक हुए
सांसद श्री पाटील ने ग्राम पातोंडा, बिरोदा और भोलाना के खेतों का निरीक्षण किया। खेतों में पहुंचते ही उन्होंने देखा कि कई जगह गेहूं की फसल जमीन पर लेटी पड़ी है, मक्का के पौधे टूट चुके हैं, चने की फलियां झड़ गईं… और केले की फसल को सबसे ज्यादा चोट लगी है। किसानों ने सांसद को बताया कि तेज हवा के साथ बारिश आई और देखते ही देखते कई बीघा फसल चौपट हो गई।
किसी ने कहा साहब, इस बार तो घर का खर्च भी कैसे निकलेगा… तो किसी ने कहा हमने कर्ज लेकर खेती की थी, अब बैंक का डर सताने लगा है… कई किसानों की आंखों में गुस्सा नहीं, बेबस आंसू थे… क्योंकि मेहनत उनकी थी और नुकसान भी उन्हीं का।
सांसद का दो टूक संदेश- सर्वे जल्दी पूरा करो, किसानों को भटकने मत दो
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व अमले का सर्वे कार्य जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, ताकि किसान मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटें। उन्होंने कहा सर्वे की रिपोर्ट जितनी जल्दी जाएगी, राहत उतनी जल्दी मिलेगी। किसी किसान का नुकसान कम या ज्यादा लिखने की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। सांसद ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में डबल इंजन वाली भाजपा सरकार मजबूती से उनके साथ है। उन्होंने यह भी बताया कि इस नुकसान की जानकारी उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी दे दी है, ताकि बुरहानपुर के किसानों को तुरंत राहत मिल सके।
हमारी सरकार किसानों की सरकार है – पाटील ने दिया भरोसा
सांसद श्री पाटील ने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है, इसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी और उसके बाद मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा किसान भाई चिंता न करें, सरकार आपकी मेहनत को मिट्टी में नहीं मिलने देगी।
किसानों का दर्द- ‘फसल गई तो त्योहार भी फीका, घर का बजट भी बिगड़ा’
ग्रामीणों ने बताया कि गेहूं, मक्का और चने पर तो घर का पूरा साल टिका रहता है। वहीं जिन किसानों ने केला लगाया था, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि केला नकदी फसल है—यानी उसी से घर की आर्थिक गाड़ी चलती है। किसानों का कहना था कि आंधी-तूफान ने सिर्फ फसल नहीं गिराई… कई घरों में उम्मीदें, सपने और भविष्य की प्लानिंग भी गिर गई।
निरीक्षण में ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, क्षेत्रीय किसान, एसडीएम, तहसीलदार सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने मौके पर नुकसान की स्थिति का आंकलन किया और किसानों से जानकारी लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही।
अब किसानों की नजरें सिर्फ राहत पर… सवाल यही- “मुआवजा कब मिलेगा?”
खेतों में सांसद के पहुंचने से किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन सवाल अब भी वही है सरकार कब तक मुआवजा देगी? क्योंकि किसान जानते हैं फसल का नुकसान सिर्फ खेत में नहीं होता, घर की पूरी जिंदगी को हिला देता है।
खबर की 5 बड़ी बातें
- जिले में आंधी-तूफान व बारिश से कई फसलों को भारी नुकसान
- सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने पातोंडा, बिरोदा, भोलाना गांव में निरीक्षण किया
- गेहूं, मक्का, चना और केला फसल सबसे ज्यादा प्रभावित
- अधिकारियों को सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश, लापरवाही पर नाराजगी
- किसानों को भरोसा: रिपोर्ट जाते ही जल्द मिलेगा मुआवजा