खकनार। बुरहानपुर जिले में अवैध हथियारों की आवाजाही पर खकनार पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। पंजाब से हथियार खरीदने आए दो युवकों को पुलिस ने सतोड़ फाटा हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके कब्जे से दो हस्तनिर्मित देसी पिस्टल, दो मोबाइल फोन और संदिग्ध संपर्कों से जुड़े सुराग मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी जिले में किससे हथियार लेने आए थे और इनके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।
पुलिस के मुताबिक जिले में अवैध हथियार निर्माण, खरीद-फरोख्त और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार पाटीदार के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी अभियान के तहत खकनार पुलिस को यह सफलता मिली।
मुखबिर की सूचना पर तुरंत बिछाया जाल
बुधवार को थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक अवैध हथियार खरीदने के लिए खकनार क्षेत्र में पहुंचे हैं और सतोड़ फाटा के पास किसी संपर्क का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और मौके पर घेराबंदी कर दी गई। हनुमान मंदिर के पास दो युवक संदिग्ध हालत में खड़े मिले। पुलिस ने घेरकर दोनों को पकड़ा और पूछताछ शुरू की। पहचान में आरोपियों ने अपने नाम जसविंदरसिंह पिता जसपालसिंह मेहरा (20 वर्ष) निवासी लोहिया खास, पंजाब तथा सिमरजीतसिंह पिता संदीपसिंह मेहरा (19 वर्ष) निवासी लोहिया खास, पंजाब बताए।
तलाशी में निकली देसी पिस्टल, पुलिस भी सतर्क हुई
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से 2 हस्तनिर्मित देसी पिस्टल बरामद हुईं। पुलिस ने इनकी कीमत लगभग 80 हजार रुपए आंकी है। इसके साथ ही 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई गई है। मोबाइल फोन अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं, क्योंकि इनमें संपर्कों और हथियार सप्लाई चैन से जुड़े इनपुट मिलने की संभावना है।
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज, पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ थाना खकनार में अपराध क्रमांक 107/2026 के तहत धारा 25(1-B)(a) आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि वे हथियार किससे लेने आए थे, क्या इससे पहले भी जिले में उनका आना-जाना रहा है और इनके पीछे कौन लोग जुड़े हैं। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल दो युवकों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी की बड़ी कड़ी हो सकती है।
कई थाना और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में खकनार पुलिस के साथ कोतवाली थाना और साइबर सेल की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। कार्रवाई में निरीक्षक सीताराम सोलंकी, उपनिरीक्षक शंकर लोने, प्रधान आरक्षक मनोज मोरे, दारासिंह, शिवनारायण पाल, वसीम खान, मनीष, विजय बडककारे, जय मालवीय, आयुष पटेल, सुनिल धुर्वे, मंगल पालवी, जितेंद्र चौहान शामिल रहे। साइबर सेल से दुर्गेश पटेल, सत्यपाल, ललित और शक्तिसिंह ने तकनीकी इनपुट देकर कार्रवाई को सफल बनाया।
पुलिस की नजर अब सप्लायर पर
जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि जिले में अवैध हथियारों की आपूर्ति कौन कर रहा है। पुलिस मान रही है कि स्थानीय संपर्कों के बिना बाहरी राज्यों से आए आरोपी सीधे डील तक नहीं पहुंच सकते। इसलिए जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।