बुरहानपुर। जीवन की अंतिम सच्चाई से जुड़ा स्थान श्मशान अब संवेदनाओं और सम्मान के साथ विकसित किया जाएगा। लालबाग क्षेत्र स्थित चिंचाला श्मशान घाट का स्वरूप जल्द ही बदलेगा। विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने निरीक्षण के दौरान घोषणा की कि यहां करीब 50 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होंगे।
श्मशान घाट के निरीक्षण के दौरान अर्चना चिटनीस ने भावनात्मक शब्दों में कहा कि श्मशान जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। मनुष्य का शरीर क्षणभंगुर है और अंततः हर किसी को मां भारत की मिट्टी में ही विलीन होना है। यह वह स्थान है जहां अमीर-गरीब, ऊंच-नीच और सभी भेदभाव समाप्त हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई का बोध कराने वाला और मनुष्य के अहंकार को समाप्त कर देने वाला सबसे बड़ा गुरु है। इसलिए इस स्थान को स्वच्छ, शांत और सम्मानजनक वातावरण के साथ विकसित किया जाना जरूरी है।
संवेदनाओं से जुड़ा है श्मशान, इसलिए होगा सुनियोजित विकास
निरीक्षण के दौरान विधायक अर्चना चिटनीस ने नगर निगम अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पूरे परिसर का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अंतिम विदाई देने आने वाले लोगों को गंदगी, अव्यवस्था या असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए श्मशान घाट को सुव्यवस्थित और हरित परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे क्षेत्र की सटीक मैपिंग कर अनुपयोगी और बाधक निर्माणों को हटाया जाए तथा सभी निर्माण कार्य व्यवस्थित और सुनियोजित ढंग से किए जाएं।
शेड बनेगा, सुविधाएं बढ़ेंगी
चिटनीस ने कहा श्मशान घाट में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 12 लाख 50 हजार रुपये की लागत से शेड निर्माण का कार्य भी किया जाएगा। इससे अंतिम संस्कार के दौरान आने वाले नागरिकों को धूप और बारिश से राहत मिल सकेगी। विधायक विशेष निधि से स्वीकृत करीब 50 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं।
बिजली लाइन शिफ्टिंग से हटेगी विकास की बाधा
विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए श्मशान परिसर में विद्युत पोल और बिजली लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इससे आगामी निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे।
श्मशान के पीछे बनेगा 4.5 हेक्टेयर का नगर वन
अर्चना चिटनीस ने बताया कि चिंचाला श्मशान घाट के पीछे लगभग 4.5 हेक्टेयर क्षेत्र में नगर वन विकसित किया जाएगा। यह केवल हरियाली का प्रकल्प नहीं होगा बल्कि संवेदनाओं और स्मृतियों का वन बनेगा। यहां नागरिक अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण कर सकेंगे। स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाकर क्षेत्र को हराभरा और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा, जिससे श्मशान परिसर के आसपास का वातावरण शांत और स्वच्छ बनेगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर निगमाध्यक्ष अनीता अमर यादव, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, पार्षद संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, वीरेंद्र चंदन, महेंद्र सुरवाड़े, कीमत मतवानी, बलराज नवानी, रवींद्र गावड़े, वामन मोटे, दिलीप दिवेकर, अंकुश रोकड़े, सुनील भीसे, नरहरी दीक्षित, मुन्ना जायसवाल, मोंटू गढ़वाल, रुद्रेश्वर एंडोले, करण चौकसे, राजू शेवाडे, शरद वर्मा, पप्पू हाजी, देवा सोनवने, जगदीश सोनावने, मुकेश सोनी, निलेश सोनी, सुनील ठोसरे, राज भावसार, रमेश जुनागढ़े, यादव सोनवने, सुखलाल महाजन, अजय गोटे सहित अन्य मौजूद रहे।
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