बुरहानपुर। टेलीग्राम के जरिए हाई रिटर्न ट्रेडिंग का लालच देकर साइबर ठगों ने एक भारतीय सेना के जवान को अपने जाल में फंसा लिया, लेकिन बुरहानपुर साइबर सेल और लालबाग पुलिस की तत्परता से ठगों की चाल नाकाम हो गई और पीड़ित को उसकी पूरी रकम ₹26,250 सुरक्षित वापस मिल गई।
मामला थाना लालबाग क्षेत्र की सीके ग्रैंड कॉलोनी निवासी गोविंदा चंभार से जुड़ा है, जो भारतीय सेना में पदस्थ हैं। गोविंदा को एक टेलीग्राम ग्रुप में ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का ऑफर मिला, जिसमें कम समय में डबल रिटर्न का झांसा दिया गया। झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग UPI ट्रांजैक्शनों के माध्यम से कुल ₹26,250 ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो कोई भुगतान नहीं हुआ। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
‘गोल्डन ऑवर’ में की शिकायत, बच गई पूरी रकम
पीड़ित ने बिना देर किए थाना लालबाग के साइबर हेल्प डेस्क पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में साइबर हेल्प डेस्क के आरक्षक दीपांशु पटेल ने तुरंत शिकायत को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। इसके बाद साइबर सेल प्रभारी श्री प्रीतम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में साइबर टीम आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर एवं आरक्षक दीपांशु पटेल ने विभिन्न बैंकों से लगातार समन्वय बनाकर फ्रॉड की गई रकम को तुरंत होल्ड कराया। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के चलते पूरी ₹26,250 की राशि सुरक्षित रिकवर कर पीड़ित के खाते में रिफंड करा दी गई।
एसपी ने की टीम की सराहना
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने इस शानदार कार्रवाई के लिए साइबर सेल टीम और साइबर हेल्प डेस्क लालबाग के आरक्षक दीपांशु पटेल को बधाई देते हुए इसे “अनुकरणीय साइबर पुलिसिंग” बताया।
साइबर ठगी से बचाव की जरूरी सीख
इस मामले ने फिर साबित कर दिया कि अगर समय पर शिकायत की जाए तो साइबर ठगी की रकम भी वापस मिल सकती है।
🔹 किसी भी संदिग्ध लिंक, APK या टेलीग्राम ऑफर पर भरोसा न करें
🔹 OTP, पासवर्ड, UPI PIN किसी को न बताएं
🔹 केवल आधिकारिक कस्टमर केयर से ही बात करें
🔹 फ्रॉड होते ही 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
⏰ First Hour is Golden Hour — देर हुई तो पैसा गया!