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सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने दिल्ली में वस्त्र मंत्रालय सचिव से की मुलाकात
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मजदूरों की भूख की लड़ाई दिल्ली तक पहुंची: सचिव से मिले सांसद, जल्द वेतन
बुरहानपुर। कोरोना काल में बंद हुई ताप्ती मिल के 800 से अधिक मजदूरों की झोली में अब उम्मीद की किरण जगी है। खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील की जोरदार पैरवी के बाद दिल्ली में वस्त्र मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि अगस्त महीने में मजदूरों को 8 माह का लंबित वेतन मिलेगा। साथ ही बोनस और मिल के पुनः संचालन पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। सांसद ने खुद यह जानकारी दी।
दिल्ली में सचिव से मुलाकात, शिवलिंग भेंट कर मांगा आशीर्वाद
मंगलवार को सांसद श्री पाटील ने भारत सरकार की वस्त्र मंत्रालय सचिव नीलम शमी राव से मुलाकात की। वे हाथ में नर्मदेश्वर महादेव का शिवलिंग लेकर पहुँचे और बताया कि बुरहानपुर की ताप्ती मिल वर्षों से बंद है, और 800 से अधिक मजदूरों को नवंबर 2024 से जून 2025 तक का वेतन नहीं मिला है। यही नहीं, जून 2023 से 17 महीनों की आधी सैलरी भी अभी तक लटकी हुई है।
वेतन नहीं, तो चूल्हा नहीं जलता: मजदूर बोले— अब आगे जीने की उम्मीद है
ताप्ती मिल के मजदूरों के घरों में पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी का ऐसा दौर चल रहा है कि कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई तक छुड़वा दी। सांसद पाटील ने सचिव के सामने वही तस्वीर रखी— “अगर अगस्त तक वेतन नहीं मिला तो कई परिवारों के लिए रोटी जुटाना मुश्किल हो जाएगा।” इस पर सचिव ने भरोसा दिलाया कि अगस्त में वेतन जारी कर दिया जाएगा।
बोनस की भी दिलाई याद: मुंबई की मिलों को मिला, ताप्ती को क्यों नहीं?
सांसद ने वस्त्र मंत्रालय के सामने एक और सवाल उठाया— मुंबई की तीन एनटीसी मिलों के कर्मचारियों को दो साल का बोनस मिल गया, लेकिन बुरहानपुर के ताप्ती मिल कर्मचारियों का 2021 से बोनस बकाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोनस सिर्फ पैसे की बात नहीं, मजदूर के सम्मान का सवाल है। सचिव ने इस पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार का भरोसा दिया।
2 जून को मजदूरों से किया था वादा, अब निभाया
2 जून 2025 को सांसद पाटील ने ताप्ती मिल में मजदूरों, यूनियन पदाधिकारियों और एनटीसी के जीएम के साथ बैठक की थी। तब उन्होंने वादा किया था कि नई दिल्ली जाकर वे सीधे सचिव से मिलेंगे और वेतन के लिए दबाव बनाएंगे। अब उन्होंने उस वादे को निभा कर दिखा दिया।
PM मोदी से कर चुके हैं मुलाकात, मिल फिर से शुरू करने की रखी थी बात
6 अगस्त 2024 को सांसद पाटील ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ताप्ती मिल को दोबारा शुरू करने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया था कि इस मिल को 100 करोड़ की लागत से आधुनिक बनाया गया था। यह एनटीसी की उन 25 मिलों में शामिल थी जो कभी घाटे में नहीं गई। कोरोना के कारण इसे बंद किया गया, लेकिन अब इसका फिर से शुरू होना 1200 परिवारों की जीवनरेखा बन सकता है।
फिर से PM से मिलेंगे सांसद, बोले— ताप्ती मिल को चालू कराना सर्वोच्च प्राथमिकता
सांसद पाटील ने साफ किया कि वे एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी से मिलकर ताप्ती मिल को चालू कराने की मांग दोहराएंगे। उन्होंने कहा— यह केवल एक मिल नहीं, बुरहानपुर की आत्मा है। यह बंद है तो शहर का कारोबार, मजदूर की उम्मीद और रोज़गार सब ठहर गया है। इसे फिर से शुरू करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सांसद की पहल का असर
• अगस्त में मिलेगा नवंबर 2024–जून 2025 का लंबित वेतन
• बोनस पर मंत्रालय में गंभीरता से चर्चा
• मिल के पुनः संचालन को लेकर प्रधानमंत्री से फिर मिलेंगे सांसद
• 800 प्रत्यक्ष और 1200 अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े मजदूरों को मिलेगा जीवनदान