बुरहानपुर। शाहपुर के वार्ड नंबर-11 में स्थित पाकिस्तानी भगोड़े पीरजादा परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा और कॉलोनी निर्माण का विवाद सामने आया है। इस जमीन पर तीन पीढ़ियों से रह रहे 15 परिवारों को अब बेदखली की धमकी दी जा रही है। सोमवार को ये परिवार पार्षद प्रतिनिधि मुकेश महाजन के साथ कलेक्टर भव्या मित्तल से मिलने पहुंचे और उन्हें समस्या से अवगत कराया।
निवासियों का कहना है कि वे 1947 से इस जमीन पर रह रहे हैं, जो बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए पीरजादा परिवार के नाम पर दर्ज है। अब उनके रिश्तेदारों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है और यहां अवैध कॉलोनी काटने का काम शुरू कर दिया है। परिवारों ने प्रशासन से अवैध निर्माण रोकने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन के पट्टे देने की मांग की है।
पाकिस्तानी व्यक्ति के नाम पर हैं जमीन
वार्ड निवासी आकाश ने कहा यह जमीन पाकिस्तान के व्यक्ति की है। वर्तमान में कुछ लोग हमें यहां से हटाने की धमकी दे रहे हैं। हम यहां तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं। अब हमें बेदखल किया जा रहा है। पार्षद प्रतिनिधि मुकेश महाजन ने कलेक्टर से कहा कि यह परिवार केवल पाव एकड़ जमीन पर निवास कर रहा है। उनकी मांग है कि अवैध कॉलोनी निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए। इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पट्टे दिए जाएं। कलेक्टर भव्या मित्तल ने मामले को गंभीरता से सुना और कहा कि इस विवाद को हल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री पीरजादा की बुरहानपुर में कई संपत्तियां
पड़ोसी देश पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री स्व. शरीफुद्दीन पीरजादा की बुरहानपुर जिले में कई संपत्तियां हैं। कई साल से लावारिस हालत में पड़ी इनमें से कई संपत्तियों पर कब्जा हो चुका है, तो कुछ अभी खाली पड़ी हैं। देश आजाद होने के बाद शरीफुद्दीन का पूरा परिवार पाकिस्तान चला गया था। आजादी के बाद सरकार ने ऐसे लोगों की संपत्तियों को लेकर शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 लागू किया था। जिसके तहत शत्रु देश में जा बसे लोगों की संपत्तियां राजसात करने का प्रावधान था। बावजूद इसके अब तक शरीफुद्दीन की संपत्तियों को राजसात नहीं किया गया।
देश में दो लाख करोड़ से ज्यादा की ऐसी संपत्तियां
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. आनंद दीक्षित ने बताया कि देश छोड़ कर पाकिस्तान में बसे लोगों की देशभर में ऐसी करीब हजारों संपत्तियां हैं। अब तक सरकार ने अधिनियम के तहत करीब 900 संपत्तियां ही जब्त की हैं। बुरहानपुर में भी शरीफुद्दीन की एमागिर्द, चंद्रकला, शाहपुर, हमीदपुरा आदि में संपत्तियां हैं, लेकिन अब तक यह आंकलन नहीं हो पाया है कि ये संपत्तियां कितनी हैं और उनका बाजार मूल्य क्या है। डॉ. दीक्षित ने कहा मेरे द्वारा की गई शिकायत के उपरांत भी आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। मजबूरन मुझे उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।