बुरहानपुर। जिस इमरजेंसी गेट को हादसे के वक्त यात्रियों के लिए जीवनरक्षक रास्ता बनना है, परिवहन विभाग की जांच में एक बस का वही गेट नहीं खुला। कहीं प्रेशर हॉर्न लगे मिले तो कहीं दस्तावेजों में कमी सामने आई। यात्री सुरक्षा मानकों को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद गुरुवार को परिवहन विभाग ने बुरहानपुर बस स्टैंड पर अचानक जांच अभियान चलाया। टीम ने एक के बाद एक 20 बसों को खंगाला और फिटनेस-परमिट के साथ उनमें मौजूद सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की। जांच में कमियां मिलने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 6 बसों में लगे प्रेशर हॉर्न मौके पर ही निकलवाए गए, जबकि एक बस का फ्रंट बंपर हटवाया गया। शहर में अलग-अलग स्थानों पर जांच के दौरान दस्तावेज पूरे नहीं मिलने पर 3 ऑटो और 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 6 वाहनों को जब्त कर यातायात थाने में खड़ा कराया गया। अभियान के दौरान विभिन्न मामलों में कुल 41 हजार रुपए शमन शुल्क वसूला गया।
कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी राजेश गुप्ता के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। विभाग के मुताबिक शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बसों में यात्री सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी के बाद बस स्टैंड पर अभियान चलाकर वाहनों की जांच की गई।
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हादसा होता तो कैसे निकलते यात्री? इमरजेंसी गेट जांच में नहीं खुला
जांच के दौरान एक बस में गंभीर लापरवाही सामने आई। टीम ने उसका इमरजेंसी गेट खोलकर देखा तो वह नहीं खुला। आपात स्थिति में इसी रास्ते से यात्रियों को बाहर निकलना होता है। गेट चालू हालत में नहीं मिलने पर संबंधित बस के खिलाफ एक हजार रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। एक अन्य बस के दस्तावेज भी पूरे नहीं मिले, जिस पर चालान बनाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने केवल कागजात देखकर बसों को नहीं छोड़ा, बल्कि यात्री सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की भी जांच की। बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी गेट और किराया सूची की स्थिति देखी गई। इसके साथ फिटनेस और परमिट की भी जांच की गई।
6 बसों में मिले प्रेशर हॉर्न, मौके पर ही निकलवाए
जांच के दौरान छह बसों में प्रेशर हॉर्न लगे मिले। परिवहन विभाग की टीम ने इन्हें मौके पर ही निकलवा दिया। एक बस में लगा फ्रंट बंपर भी हटवाया गया। बस संचालकों और चालकों को निर्देश दिए गए कि वाहनों का संचालन तय नियमों के अनुसार ही करें। यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर आगे भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बस स्टैंड के बाद शहर में जांच, 6 वाहन सीधे जब्त
बसों की जांच के बाद टीम शहर में निकली। इस दौरान ऑटो और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के दस्तावेज भी जांचे गए। तीन ऑटो और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली के कागजात पूरे नहीं पाए जाने पर सभी छह वाहनों को जब्त कर लिया गया। जब्त वाहनों को यातायात थाने में खड़ा कराया गया। पूरे अभियान में विभिन्न उल्लंघनों के मामलों में 41 हजार रुपए शमन शुल्क वसूला गया।
शिकायतें मिलीं तो बस स्टैंड पहुंची टीम
जिला परिवहन अधिकारी राजेश गुप्ता के मुताबिक विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों की पूर्ति नहीं कर रही हैं। इसके बाद अभियान चलाकर 20 बसों की जांच की गई। जिन वाहनों में कमियां सामने आईं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई ने यात्री बसों की नियमित जांच का सवाल भी सामने ला दिया है। खासतौर पर इमरजेंसी गेट जैसी अनिवार्य व्यवस्था का चालू हालत में नहीं मिलना यात्री सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है। अब विभाग ने संचालकों को सुरक्षा प्रावधान दुरुस्त रखने की हिदायत दी है।
यात्रियों को माइक से बताया- बस में सुरक्षा इंतजाम भी देखें
कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड पर पीए सिस्टम से यात्रियों को भी जागरूक किया गया। उन्हें बसों में उपलब्ध आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी दी गई। वहीं बस संचालकों और चालकों को स्पष्ट किया गया कि फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेजों के साथ अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स तथा इमरजेंसी गेट जैसी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखना जरूरी है। नियमों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान में जिला परिवहन अधिकारी राजेश गुप्ता, परिवहन निरीक्षक पवन जैन, सीएस बाथम सहित विभागीय टीम मौजूद रही।



