बुरहानपुर। गणेशोत्सव में इस बार पुलिस की नजर सिर्फ सड़कों और पंडालों पर ही नहीं, सोशल मीडिया की गतिविधियों पर भी रहेगी। जिले के प्रत्येक गणेश पंडाल को पुलिस से सीधे जोड़ने के लिए QR कोड लगाया जाएगा। किसी तरह की समस्या, शिकायत, सुझाव या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर लोग QR स्कैन कर पुलिस को सूचना दे सकेंगे। इसके साथ ही हर दो से तीन पंडालों के बीच एक पुलिसकर्मी तैनात रहेगा और प्रत्येक पंडाल से दो लोगों को ‘पुलिस सहयोगी’ बनाया जाएगा।
गणेशोत्सव की सुरक्षा तैयारियों को लेकर एसपी आशुतोष बागरी ने गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में गणेश उत्सव समितियों और आयोजकों की बैठक ली। इसमें पंडाल की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, बिजली-फायर सेफ्टी, जुलूस, विसर्जन, यातायात और सोशल मीडिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी ने आयोजकों को QR कोड व्यवस्था का लाइव डेमो भी दिया।
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पिछले साल कारगर रहा QR, अब हर पंडाल तक पहुंचाने की तैयारी
पुलिस ने पिछले गणेशोत्सव में पंडालों पर QR कोड के माध्यम से शिकायत और सूचना लेने की पहल की थी। पुलिस के अनुसार व्यवस्था कारगर रहने के बाद इसे जिले के थाना और चौकी क्षेत्रों में लागू किया गया। अब गणेशोत्सव में जिले के सभी पंडालों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। यदि किसी स्तर पर शिकायत की सुनवाई नहीं होती है तो QR के माध्यम से भेजी गई शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकेगी। पुलिस का प्रयास है कि छोटी समस्या विवाद में बदलने से पहले ही सूचना मिले और उसका निराकरण किया जा सके।
QR काम न आए तो सीधे फोन करें, नीचे लिखे होंगे तीन नंबर
सिर्फ QR के भरोसे व्यवस्था नहीं रहेगी। प्रत्येक QR कोड के नीचे संबंधित थाना प्रभारी, बीट प्रभारी और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। आपात स्थिति या तत्काल सहायता की जरूरत होने पर आयोजक और नागरिक सीधे संपर्क कर सकेंगे। यानी पंडाल में किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि हो, भीड़ के कारण विवाद की स्थिति बने या किसी दूसरी पुलिस सहायता की जरूरत पड़े तो सूचना देने के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
हर पंडाल से दो ‘पुलिस सहयोगी’, 2-3 पंडालों के बीच पुलिसकर्मी
इस बार पुलिस ने पंडाल स्तर पर सीधा नेटवर्क बनाने की योजना भी तैयार की है। प्रत्येक पंडाल से दो जिम्मेदार लोगों को पुलिस सहयोगी बनाया जाएगा। ये अपने क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी के सीधे संपर्क में रहेंगे। हर दो से तीन पंडालों के बीच एक पुलिसकर्मी तैनात करने की योजना है। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर पुलिस सहयोगी सीधे उससे संपर्क कर सकेंगे। इससे सूचना थाने तक पहुंचने और फिर बल आने की प्रक्रिया के बजाय नजदीकी पुलिसकर्मी तक तत्काल सूचना पहुंच सकेगी।
सोशल मीडिया पर भी नजर, पोस्ट के साथ फॉरवर्ड-लाइक पर चेतावनी
पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है। गणेशोत्सव के दौरान पुलिस की टेक्निकल टीम सोशल मीडिया पर निगरानी रखेगी। अफवाह, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित नहीं करने को कहा गया है। पुलिस ने बैठक में स्पष्ट किया कि आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने, फॉरवर्ड करने या लाइक करने वाले तत्वों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिलने पर उसे आगे बढ़ाने के बजाय पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडाल खाली नहीं छोड़ सकेंगे, CCTV और 24 घंटे वालंटियर
पुलिस ने पंडाल समितियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्पष्ट कर दी है। पंडाल में CCTV कैमरे लगाने और 24 घंटे वालंटियर की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। पंडाल के चारों तरफ बैरिकेडिंग अथवा रस्सी से सीमा बनाने तथा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित प्रवेश और निकास रखने के निर्देश हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया है। समिति के स्वयंसेवकों को पहचान पत्र या बैज देकर उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए।
खुले तार-ओवरलोडिंग नहीं, फायर सेफ्टी भी करनी होगी पुख्ता
पंडालों में बिजली व्यवस्था को लेकर भी पुलिस-प्रशासन ने सावधानी बरतने को कहा है। खुले तार, असुरक्षित अथवा अवैध कनेक्शन और ओवरलोडिंग से बचना होगा। अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकासी मार्ग की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। गणेश प्रतिमा वाले पंडाल को 24 घंटे में किसी भी समय पूरी तरह खाली नहीं छोड़ने तथा संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे छूने के बजाय पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।
मनमर्जी से नहीं बदलेगा जुलूस का रूट-समय
जुलूस और शोभायात्राओं को लेकर भी स्पष्ट निर्देश हैं। समितियों को पूर्व निर्धारित मार्ग, समय और अनुमति की शर्तों का पालन करना होगा। जुलूस के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना होगा। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल भी निर्धारित नियमों और अनुमत समय-सीमा के अनुसार करना होगा। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले या भड़काऊ गीत, नारे और सामग्री का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
नशे में हुड़दंग किया तो कार्रवाई, विसर्जन पर भी विशेष निगरानी
पुलिस ने नशे की स्थिति में वाहन चलाने या जुलूस में हुड़दंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था का पालन करना होगा। नदी, तालाब अथवा अन्य जलस्रोतों पर सुरक्षा मानकों का पालन करने और अनावश्यक रूप से गहरे पानी में नहीं जाने को कहा गया है। गणेशोत्सव के दौरान संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, जुलूस मार्गों, पंडालों और विसर्जन स्थलों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वालों पर विशेष नजर रखने की बात कही गई है। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट तपेश पाण्डे, एसडीएम पल्लवी पौराणिक, सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह सहित संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
एसपी बोले—पुलिस सहयोगी सीधे करेंगे संपर्क
एसपी आशुतोष बागरी ने कहा, “गणेशोत्सव पर व्यवस्था पुख्ता करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दो से तीन पंडालों के बीच पुलिसकर्मी की तैनाती होगी। पुलिस सहयोगी तत्काल उनसे संपर्क कर समस्या का निराकरण कराएंगे।”



