बुरहानपुर। सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने इस बार स्कूलों की निगरानी तेज कर दी है, लेकिन बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पंवार के निरीक्षण में पढ़ाई की व्यवस्था की अलग ही तस्वीर सामने आई। शासकीय उर्दू उच्चतर माध्यमिक शाला खैराती बाजार में एक ही कमरे में तीन अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थी बैठाकर पढ़ाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, जगह की कमी के कारण कुछ बच्चों की कक्षाएं बरामदे में लग रही थीं।
स्कूल का एक कक्ष जहाँ बच्चे पढाई भी करे और आधार कार्ड सेंटर भी संचालित किया जा रहा है। इसका सीधा असर स्कूल में उपलब्ध कक्षों की व्यवस्था पर पड़ा है। निरीक्षण के दौरान स्थिति सामने आने पर डीईओ ने इसमें सुधार कराने की बात कही और विद्यार्थियों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाने के निर्देश दिए। अब सवाल यह है कि जिस व्यवस्था से बेहतर परीक्षा परिणाम की उम्मीद की जा रही है, वहां यदि तीन कक्षाओं के विद्यार्थी एक कमरे में बैठेंगे तो पढ़ाई कितनी प्रभावी होगी? विभाग ने फिलहाल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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रिजल्ट पर फोकस, शिक्षकों को दो टूक—पाठ्यक्रम समय पर पूरा करें
डीईओ रोहिणी पवार ने शिक्षकों से स्पष्ट कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणाम बेहतर होना चाहिए। इसके लिए पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए गए। रोहिणी पंवार के अनुसार विभाग का सबसे अधिक फोकस सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में सुधार पर है। स्कूलों का विजिट कर शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने शिक्षकों को भी परिणाम को लेकर गंभीर रहने की ताकीद की। जिन शिक्षकों के विषयों का रिजल्ट कम रहता है, उन्हें विशेष रूप से चेताया जा रहा है कि वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर अतिरिक्त ध्यान देकर परिणाम सुधारें।
एक कमरा आधार सेंटर के पास, बच्चों की पढ़ाई बरामदे में
खैराती बाजार स्कूल में सबसे अहम समस्या कक्षों के उपयोग को लेकर सामने आई। स्कूल का एक कक्ष आधार कार्ड सेंटर के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। दूसरी तरफ विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए जगह कम पड़ रही है। नतीजा यह कि एक कक्ष में तीन कक्षाओं के विद्यार्थी बैठ रहे हैं और कुछ बच्चों को बरामदे में पढ़ाना पड़ रहा है। डीईओ ने निरीक्षण के दौरान इस व्यवस्था को बदलने और अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थियों को बैठाने के निर्देश दिए।
रिजल्ट शिक्षकों से मांगेंगे, संसाधनों की कमी भी सुधारनी होगी
शिक्षा विभाग कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर सख्ती की तैयारी में है, लेकिन खैराती बाजार स्कूल की स्थिति ने संसाधन और व्यवस्थाओं का सवाल भी सामने ला दिया है। बेहतर परिणाम के लिए शिक्षक की जवाबदेही के साथ विद्यार्थियों को उचित कक्षा और पढ़ाई का वातावरण उपलब्ध होना भी जरूरी है। जब एक ही कमरे में तीन कक्षाएं संचालित हों तो अलग-अलग पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में परिणाम सुधार अभियान में शिक्षकों के प्रदर्शन के साथ स्कूलों की बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी।
लैब भी व्यवस्थित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीईओ ने स्कूल की लैब को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाठ्यक्रम की प्रगति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम को लेकर शिक्षकों से चर्चा की। अब विभाग जिले के अन्य सरकारी स्कूलों का भी निरीक्षण कर शैक्षणिक स्थिति पर नजर रखेगा। खैराती बाजार स्कूल में सामने आई अव्यवस्था के बाद देखना होगा कि एक कमरे में तीन कक्षाएं और बरामदे में पढ़ाई की व्यवस्था कितनी जल्दी सुधरती है।



