बुरहानपुर। सागर में हुए शराब कांड के बाद बुरहानपुर में भी प्रशासन की नींद टूटी है। मंगलवार सुबह कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम शहर से सटे जैनाबाद, बलवार टेकरी और आहूखाना क्षेत्र में उतरी। यहां अवैध शराब के ठिकानों पर छापेमारी की तो 215 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब और करीब 3300 किलो महुआ लहान मिला। आबकारी एक्ट के तहत 10 प्रकरण दर्ज किए गए। जब्त शराब और महुआ लहान की कीमत करीब 3.80 लाख रुपए बताई गई है।
कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात अवैध शराब बनाने के लिए तैयार किए जा रहे लहान को छिपाने का तरीका रहा। टीम को कहीं जमीन के अंदर दबाई गई प्लास्टिक की कैन मिलीं तो कहीं झाड़ियों के बीच कैन छिपाकर रखी गई थीं। कुछ स्थानों पर घरों और उनके आसपास भी लहान मिला। टीम ने एक-एक ठिकाने की तलाशी लेकर कैन बाहर निकालीं और बरामद महुआ लहान को मौके पर ही नष्ट कर दिया। खाली कैन को पिकअप वाहन में भरकर थाने पहुंचाया गया।
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सागर की घटना के बाद सतर्कता, बुरहानपुर में शुरू हुआ अभियान
सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश गौर के मुताबिक सागर में हुई घटना को देखते हुए जिले में सतर्कता के तौर पर अवैध शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी और आगे भी लगातार जारी रहेगी। यानी सागर की घटना के बाद अब प्रशासन का फोकस उन इलाकों पर है, जहां हाथ भट्टी शराब बनाए जाने की आशंका है। मंगलवार की कार्रवाई में ही 3.3 टन महुआ लहान मिलना यह बताने के लिए काफी है कि टीम को बड़े पैमाने पर शराब बनाने की तैयारी से जुड़ी सामग्री मिली।
अफसर खुद पहुंचे, जमीन और झाड़ियों तक की तलाशी
छापेमारी में केवल आबकारी अमला ही नहीं बल्कि प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मैदान में रहे। टीम में एसडीएम पल्लवी पुराणिक, सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह, सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश गौर और शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया शामिल थे। इनके साथ नायब तहसीलदार रजनीश उपाध्याय, आबकारी उपनिरीक्षक शेर सिंह मोरे और केतन भाबर सहित पुलिस व आबकारी विभाग का अमला मौजूद रहा। टीम ने जैनाबाद, बलवार टेकरी और आहूखाना क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान जमीन के अंदर और झाड़ियों में छिपाकर रखी गई प्लास्टिक कैन सामने आती गईं।
215 लीटर तैयार शराब, 3300 किलो लहान
कार्रवाई के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। टीम ने 215 लीटर तैयार हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की, जबकि 3300 किलो महुआ लहान बरामद किया गया। लहान का इस्तेमाल हाथ भट्टी शराब तैयार करने में किया जाता है। इसे टीम ने मौके पर नष्ट कर दिया। पूरी कार्रवाई में शराब और महुआ लहान का अनुमानित मूल्य करीब 3 लाख 80 हजार रुपए बताया गया है। आबकारी अधिनियम के तहत कुल 10 मामले दर्ज किए गए हैं।
सवाल यह भी—इतनी बड़ी मात्रा में लहान तैयार कैसे होता रहा?
कार्रवाई के बाद एक अहम सवाल भी खड़ा होता है। शहर से सटे तीन क्षेत्रों में यदि एक ही अभियान में 3300 किलो महुआ लहान और 215 लीटर तैयार कच्ची शराब मिल सकती है तो यह सामग्री कब से तैयार और जमा की जा रही थी? सागर की घटना के बाद सतर्कता बढ़ने पर यह कार्रवाई हुई है। ऐसे में अब निगरानी की निरंतरता महत्वपूर्ण होगी। केवल एक दिन की दबिश के बजाय अवैध शराब बनाने, संग्रह करने और बेचने वाले नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई होने पर ही अभियान का असर दिखाई देगा। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान जारी रहेगा। इससे अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
कार्रवाई का पूरा हिसाब
क्षेत्र: जैनाबाद, बलवार टेकरी और आहूखाना
हाथ भट्टी शराब: 215 लीटर
महुआ लहान: 3300 किलोग्राम
अनुमानित कीमत: करीब 3.80 लाख रुपए
दर्ज प्रकरण: 10
कार्रवाई: प्रशासन + पुलिस + आबकारी विभाग
कार्रवाई का कारण: सागर की घटना के बाद जिले में बढ़ाई गई सतर्कता
आगे क्या: अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा



