बुरहानपुर। तीन महीने पहले पिकनिक स्पॉट पर नहाने के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद पहले मारपीट, फिर पुलिस प्रकरण और आखिरकार हत्या तक पहुंच गया। जिस पुरानी रंजिश को खत्म करने के लिए राजीनामे की बातचीत होने की बात सामने आई थी, उसी बातचीत के दौरान फिर विवाद भड़क गया और लोधीपुरा निवासी 39 वर्षीय धनराज पिता अशोक तायड़े की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बुधवार, 7 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे गणपति नाका थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा तिराहे पर हुई इस वारदात ने एक बार फिर पुरानी दुश्मनी के हिंसक अंजाम को सामने ला दिया।
हत्या के अगले दिन गुरुवार सुबह मृतक के परिजनों का गुस्सा गणपति नाका थाने के बाहर फूट पड़ा। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में परिजन और अन्य लोग थाने पहुंच गए। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित थाने के सामने भीड़ जमा होने से यातायात प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि परिजनों ने चक्काजाम नहीं किया था। सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह और थाना प्रभारी कमल सिंह पंवार ने लोगों को समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि हत्या के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और चार आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इसके बाद लोग वापस लौट गए। इस पूरे हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विवाद में पुलिस पहले ही प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी, उसी रंजिश ने तीन महीने बाद इतना हिंसक रूप कैसे ले लिया?
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ठाठर-खामला से शुरू हुई दुश्मनी, गुरुद्वारा तिराहे पर हुआ खूनी अंत
हत्याकांड की जड़ें करीब तीन महीने पुराने विवाद से जुड़ी हैं। पुलिस के अनुसार, निंबोला थाना क्षेत्र के ठाठर-खामला पिकनिक स्पॉट पर कुछ युवक नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। मामले की शिकायत निंबोला थाने में हुई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश कर दिया। लेकिन पुलिस कार्रवाई के बावजूद संबंधित पक्षों के बीच रंजिश खत्म नहीं हुई। बुधवार को इसी पुराने विवाद में समझौता करने के उद्देश्य से बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। यही बातचीत धनराज के लिए जानलेवा साबित हुई। गुरुद्वारा तिराहे पर बातचीत के दौरान दोबारा विवाद हुआ और धनराज पर चाकू से हमला कर दिया गया।
शाम 7 बजे हुआ विवाद, चाकू लगने से गंभीर घायल हुआ धनराज
बुधवार शाम करीब सात बजे गुरुद्वारा तिराहे के पास धनराज तायड़े का कुछ युवकों से विवाद हुआ। विवाद बढ़ने के दौरान उस पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण धनराज घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही गणपति नाका पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस घायल धनराज को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश हत्या की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई।
समझौते की बातचीत या पहले से बनी योजना? जांच में स्पष्ट होगी पूरी कहानी
इस हत्याकांड का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समझौते की बातचीत के दौरान हुई चाकूबाजी है। पुलिस के अनुसार, तीन महीने पुराने विवाद को लेकर राजीनामे की बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बातचीत किसकी पहल पर शुरू हुई थी, मौके पर कौन-कौन मौजूद था और विवाद किस बात पर दोबारा भड़का। यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है कि वारदात अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से कोई तैयारी की गई थी। फिलहाल पुलिस की ओर से हत्या की पूर्व नियोजित साजिश होने की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरी घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
हत्या के अगले दिन थाने पर पहुंची भीड़, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आक्रोश
बुधवार शाम धनराज की हत्या के बाद गुरुवार सुबह मृतक के परिजन गणपति नाका थाने पहुंच गए। उनके साथ बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद थे। परिजनों की प्रमुख मांग थी कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। देखते ही देखते थाने के बाहर भीड़ बढ़ गई। चूंकि गणपति नाका थाना इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित है, इसलिए थाने के सामने लोगों के एकत्रित होने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी। स्थिति को देखते हुए सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह और टीआई कमल सिंह पंवार ने लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस घटना के तत्काल बाद मौके पर पहुंची थी और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया था। साथ ही यह भी बताया कि मामले में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
8 पर एफआईआर, 4 गिरफ्तार; चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी
पुलिस ने धनराज हत्याकांड में आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम—
- भारत पिता लखन
- पीयूष पिता संजय
- रोहन पिता सतीश
- रवि सिंगोटिया
पुलिस के अनुसार, शेष चार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उनकी तलाश की जा रही है। हालांकि, वारदात में किस आरोपी की क्या भूमिका रही, चाकू से हमला किसने किया और अन्य आरोपियों की सहभागिता किस प्रकार की थी, इसका विस्तृत खुलासा अभी नहीं हुआ है। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर सामने आएंगे।
सीएसपी ने कहा—चक्काजाम नहीं हुआ, गिरफ्तारी की जानकारी नहीं थी
नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि बुधवार को पुरानी रंजिश के चलते युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में आठ आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से चार गिरफ्तार हो चुके हैं। सीएसपी के अनुसार, करीब तीन माह पहले निंबोला थाना क्षेत्र के ठाठर-खामला में नहाने के दौरान युवकों में विवाद हुआ था। उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था। इसी पुरानी रंजिश को लेकर बुधवार को समझौते के लिए बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। बातचीत के दौरान विवाद हुआ और चाकूबाजी में युवक की जान चली गई। गुरुवार को थाने के सामने भीड़ जमा होने के सवाल पर सीएसपी ने स्पष्ट किया कि परिजनों ने कोई चक्काजाम नहीं किया था। वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लेकर आए थे। संभवतः उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। समझाइश देने और कार्रवाई से अवगत कराने के बाद सभी वापस लौट गए। शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने की बात पुलिस ने कही है।
पहले दर्ज हुआ केस, अदालत में पहुंचा मामला; फिर भी रंजिश खत्म नहीं हुई
इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ठाठर-खामला का विवाद पुलिस और न्यायालय तक पहले ही पहुंच चुका था। निंबोला पुलिस ने उस मामले में प्रकरण दर्ज किया था और न्यायालय में चालान भी पेश किया था। इसके बावजूद पुराने विवाद को लेकर दोबारा बातचीत के दौरान हिंसा होना गंभीर पहलू है। अब जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुराने प्रकरण से वर्तमान हत्याकांड का संबंध किन व्यक्तियों और परिस्थितियों के माध्यम से जुड़ता है। क्या बुधवार की बातचीत में पुरानी मारपीट का मुद्दा फिर उठा था? किस बात पर कहासुनी हिंसा में बदली? और मौके पर मौजूद लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी? इन सवालों पर पुलिस की विस्तृत जांच ही स्थिति स्पष्ट कर सकेगी।
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए इन पांच सवालों के जवाब जरूरी
- पहला सवाल: तीन महीने पुराने विवाद में समझौते की बातचीत किसने शुरू कराई और धनराज वहां किन परिस्थितियों में पहुंचा?
- दूसरा सवाल: राजीनामे की बातचीत के दौरान ऐसी कौन-सी बात हुई कि मामला फिर हिंसक हो गया?
- तीसरा सवाल: चाकू से हमला किस आरोपी ने किया और बाकी नामजद आरोपियों की वारदात में क्या भूमिका थी?
- चौथा सवाल: क्या घटना अचानक हुए विवाद में हुई या किसी आरोपी ने पहले से हमले की तैयारी कर रखी थी?
- पांचवां सवाल: शेष चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्या पुराने विवाद और हत्या के बीच की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी?
ये सवाल फिलहाल जांच के विषय हैं। इनका निष्कर्ष पुलिस द्वारा एकत्र किए जाने वाले साक्ष्यों और आगे की विवेचना पर निर्भर करेगा।
पोस्टमार्टम के बाद आगे बढ़ी जांच, अब फरार आरोपियों पर पुलिस का फोकस
गुरुवार को मृतक धनराज तायड़े का पोस्टमार्टम कराया गया। हत्या के मामले में चार गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की कार्रवाई अब अन्य चार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। इस बीच परिजनों के थाने पहुंचने से स्पष्ट हुआ कि वे मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। पुलिस ने उन्हें अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देकर शांत कराया।
तीन महीने पुरानी रंजिश ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया। अब धनराज हत्याकांड में केवल चार आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि वारदात के पूरे घटनाक्रम, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और हत्या के पीछे की परिस्थितियों का खुलासा भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, चार की तलाश बाकी है। राजीनामे की बातचीत खूनी संघर्ष में कैसे बदली, इसका पूरा जवाब आना अभी बाकी है।
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