बुरहानपुर। जिले के ग्राम फोपनार स्थित मप्र ग्रामीण बैंक शाखा में करीब 30 से 40 किसानों का पैसा निकाल लिया गया। आरोप है कि करीब एक से डेढ़ करोड़ की राशि का हेरफेर हुआ है। करीब 20 से अधिक किसान यह शिकायत लेकर बुरहानपुर एसपी ऑफिस पहुंचे। किसानों ने पूरे मामले की जांच कर पैसा वापस दिलाने की मांग की है।
किसानों का आरोप है कि सेविंग खाता, केसीसी खाते से जाली पर्चियों, हस्ताक्षर द्वारा पैसा निकाला गया है। बनावटी विड्राल पर्चियां बनाकर उसमें मनमानी राशि भरकर शिकायतकर्ताआं के बगैर हस्ताक्षर के समय समय पर विभिन्न खातों से लाखों रूपए की धनराशि छलकपट कर निकाली गई। कईं बार शिकायत की गई, लेकिन बैंक से केवल आश्वासन मिला। बैंक द्वारा खरगोन स्थित वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया गया। वहां से टीम जांच के लिए भी आई थी। किसानों के बयान भी लिए गए, लेकिन अब तक आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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यह बोले किसान- 3 खातों से 7 मिनट में निकला पैसा
फोपनार के किसान अश्विन किरण महाजन ने बताया मप्र ग्रामीण बैंक शाखा फोपनार में खाता है। मेरे 3 खातों में से 7 मिनट में एक खाते से सात हजार, दूसरे से 80 हजार और तीसरे से 30 हजार रूपए निकाले गए। मालूम पड़ा तो बैंक पहुंचे। अफसरों ने कहा फॉल्ट हुआ है जांच कर रहे है, लेकिन दो माह हो गए कुछ नहीं हुआ इसलिए एसपी ऑफिस शिकायत करने पहुंचे।
3 लाख का चेक दिया 2 लाख ही मिले
किसान कैलाश महाजन ने कहा मप्र ग्रामीण बैंक शाखा फोपनार में 3 लाख रूपए का चेक 27 अगस्त को दिया, लेकिन 2 लाख दिए गए। एक लाख बाद में देने को कहा गया। इसके बाद रक्षा बंधन की छुट्टी आ गई। बाद कभी सोमवार तो कभी मंगलवार, बुधवार को आने को कहा, लेकिन कहा गया कि पेमेंट नहीं है। खाते में से एक लाख भी निकल गए। धोखाधड़ी हुई है। हमारा पैसा वापस चाहिए।
पैसा जमा किया, पर्ची भी दी, पर खाते में
किसान संतोष महाजन ने कहा मैंने बैंक डेढ़ लाख जमा किए, जिसकी पर्ची भी दी गई, लेकिन खाता देख्ने पर पता चला बैंक ने पैसा नहीं जमा किया। जवाब दिया गया कि जांच चल रही है। दो माह हो गए। अब तक जांच ही चल रही है। हमारे से धोखाधड़ी की गई है। 35 से अधिक किसानों की राशि है जो करीब एक करोड़ डेढ़ करोड़ तक हो सकती है। दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।
अस्पताल में भर्ती किसान को भी आया मैसेज
अधिवक्ता राजेंद्र महाजन ने कहा किसान फोपनार, गोराड़ा पिपरी, संग्रामपुर के रहने वाले हैं। सभी के बैंक में केसीसी, सेविंग खाते हैं। दो माह पहले पैसा फर्जी सिग्नेचर से ट्रांसफर हो गया। व्यक्ति पैसा जमा करने जा रहा है स्लिप मिली है, लेकिन पैसा जमा नहीं हुआ। विड्रा फार्म से पैसा चला गया। जांच की बात कह रहे हैं। एक किसान अस्पताल में भर्ती था उसे पैसा निकलने का मैसेज आया। 35 से 40 किसान प्रभावित हुए हैं। 20 यहां आज शिकायत करने पहूंचे। रकम एक से डेढ़ करोड़ या इससे ज्यादा भी हो सकती है। मांगने पर सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दे रहे हैं। हर किसान का पैसा वापस आना चाहिए।
लॉस अकाउंट से पैसा देगी बैंक, जांच जारी
मप्र ग्रामीण बैंक मैनेजर अमित कुमार भारतीय ने कहा खाताधारकों ने शिकायत की थी। अभी पैसा रिकवर नहीं हुआ। बैंक ने अपने स्तर पर जांच की है। सभी की शिकायतें ले ली थी। जितनी शिकायत है उतना रिकार्ड उपलब्ध है। चेक, विड्राल पर्ची है। बैंक जांच कर रही है कि उन्होंने नहीं दी है तो किसकी है।
यह 3 सितंबर की घटना है जब शिकायत सामने आई थी। कईं शिकायतें ऐसी है कि उनके खाते से ट्रांजेक्शन हुआ है, लेकिन उन्होंने समय पर बैंक को सूचना नहीं दी। बाद में शिकायत की। दो बार जांच के लिए टीम आई। बैंक ने सारे ओरिजनल डॉक्यूमेंट, सिग्नेचर आदि ले लिए हैं। बैंक पैसा देगी। मना नहीं करेगी। कस्टर का पैसा कहीं नहीं जाएगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी। पियुन स्वप्निल चौधरी का नाम आया था। उससे रिकवरी की जाएगी। बिना व्हाउचर साइन के पैसा निकाल लिया ऐसा आरोप कस्टमर लगा रहे हैं, लेकिन जिनका पैसा है वह बैंक लौटाएगी। मिसिंग वाउचर एक भी नहीं है। हर बैंक में एक लॉस अकाउंट होता है। लॉस अकाउंट से बैंक पैसा वापस करेगी। एक बार जांच पूरी हो जाए।
बैंक पियुन का नाम आया था सामने
3 सितंबर को किसानों ने बैंक में शिकायत की थी तब बैंक के पियुन स्वप्निल चौधरी का नाम सामने आया था। तब किसानों ने कहा था कि उन्होंने पैसा उसे जमा करने को दिया था। तब बैंक ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी स्वप्निल से राशि की रिकवरी करने की बात कही थी। चौधरी ने बैंक से सात दिन का समय मांगा था, लेकिन उसने अब तक राशि बैंक को वापस नहीं की है। अब इस मामले में किसान जिला मुख्यालय पहुंचकर शिकायत कर चुके हैं।

