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प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहे किसान, बोले- अब मांगें नहीं मानी तो उग्र आंदोलन 

विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे नहीं हुए पूरे, मुआवजा वितरण की मांग बुरहानपुर। जिले में इस साल प्राकृतिक आपदा से बार बार फसलों को नुकसान पहुंचा है। हाल ही में दो बार प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है। तेज बारिश, हवा, आंधी के कारण केला, मंगू, चना, मक्का आदि फसलें खराब हुई है। […]

  • विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे नहीं हुए पूरे, मुआवजा वितरण की मांग

बुरहानपुर। जिले में इस साल प्राकृतिक आपदा से बार बार फसलों को नुकसान पहुंचा है। हाल ही में दो बार प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है। तेज बारिश, हवा, आंधी के कारण केला, मंगू, चना, मक्का आदि फसलें खराब हुई है। इसे लेकर किसानो में आक्रोश है।
इसे लेकर अब संगठन आंदोलन की बात कह रहे हैं। मंगलवार को भारतीय किसान संघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई मंगलवार कलेक्टर कार्यालय में सांकेतिक रूप से धरना देकर विरोध दर्ज कराया गया। किसानों की मांग है कि लंबे समय से किसान पीड़ित हैं। कईं बार प्राकृतिक आपदाएं आई है। इसके बाद भी किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ना ही किसानों की फसलों का सर्वे किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह किसानों के खेतों के रास्ते रोके जा रहे हैं। बुरहानपुर में भी टेक्समो पाइप फैक्ट्री सहित कई जगह किसानों के खेतों के रास्ते रोक दिए गए, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने कहा कि चुनाव के समय बहुत से वादे किए गए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। खंडवा में प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया गया, लेकिन बुरहानपुर के किसानों को अब तक नहीं दिया गया। इस दौरान कलेक्टर कार्यालय में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। किसानों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
विधानसभा चुनाव के पहले की गई थी घोषणा
भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष नरेंद्र जाधव ने कहा- विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया गया था कि गेहूं का मूल्य 2700 और धान का मूल्य 3100 प्रदान करेंगे, लेकिन धान बिक गया है। उसका बोनस दिया जाना चाहिए। 2700 की घोषणा की गई थी। वह दिया जाना चाहिए। पहले भी किसानों की फसलें आंधी, तूफान से खराब हो गई थी। जहां किसानों की भूमि निकलती है वहां सीमांकन टाला जाता है। कृषि भूमि कम निकल रही है। सीमांकन कराया जाए। सभी गांवों से प्रतिनिधि यहां एकत्रित हुए हैं।
जिले में आई आपदा से किसान चिंतित
किसान जिले में आई प्राकृतिक आपदा से चिंतित हैं। अभी खेतों में सर्वे का दौर चल रहा है, लेकिन कईं जगह अभी पटवारी नहीं पहुंच पाए हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी आ रही है। एक ही सप्ताह में दो बार तेज बारिश और हवा आंधी के कारण फसलें खराब हुई है।
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