Homeबुरहानपुरनहीं सुधर रहा सरकारी स्कूलों का ढर्रा-...

नहीं सुधर रहा सरकारी स्कूलों का ढर्रा- वाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन देते हैं शिक्षक

भावसा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के बाहर सुबह 10 बजे से खड़े रहे बच्चे डीईओ बोले मामले की जांच कर करेंगे कार्रवाई बुरहानपुर। जिले की सरकारी स्कूलों का ढर्रा नहीं सुधर रहा है। अव्यवस्थाओं के कारण ही हर साल सरकारी स्कूलों का खराब जबकि निजी स्कूलों का रिजल्ट काफी अच्छा आता है, लेकिन विभागीय […]

बुरहानपुर। जिले की सरकारी स्कूलों का ढर्रा नहीं सुधर रहा है। अव्यवस्थाओं के कारण ही हर साल सरकारी स्कूलों का खराब जबकि निजी स्कूलों का रिजल्ट काफी अच्छा आता है, लेकिन विभागीय अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं देते। जनजातीय विभाग, शिक्षा विभाग की स्कूलों में मनमानी का आलम है। शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। अगर पकड़ में आ जाते हैं तो कहा जाता है कि वाट्सएप पर आवेदन किया था। इधर डीईओ ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
Sadaiv Newsग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्कूलें समय पर नहीं खुल रही है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला शाहपुर जनशिक्षा केंद्र के तहत आने वाली भावसा उच्चतर माध्यमिक शाला का सामने आया है। जहां गुरूवार सुबह 10.30 बजे तक भी स्कूल का ताला नहीं खुला जबकि कुछ विद्यार्थी 10 बजे से ही स्कूल पहुंच गए थे। खास बात यह है कि जो शिक्षक नहीं आते वह सोशल मीडिया पर नहीं आने या देरी से आने का कारण लिखकर भेज देते हैं।
हाल ही में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ है, लेकिन कुछ ही दिनों में लापरवाही भी उजागर होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पदस्थ दो शिक्षक प्रतिदिन देरी से आते हैं। वहीं प्रभारी प्राचार्य व माध्यमिक शिक्षक प्रकाश पाटिल ने कहा स्कूल की चाबी मेरे पास थी और भृत्य की चाबी घर पर रह गई थी। शिक्षक समय पर स्कूल आ जाते हैं, लेकिन आज उन्हें कोई काम होने से देरी से आने का मैसेज सोशल मीडिया पर भेजा था। उन्होंने कहा व्यवस्था में सुधार करेंगे।
जनजातीय विभाग के छात्रावास, आश्रमों के हाल भी बुरे
जनजातीय विभाग के छात्रावास और आश्रमों की स्थिति भी यही है। अधिकांश छात्रावास अधीक्षक अपने निर्धारित छात्रावासों में नहीं रहते। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। कईं छात्रावास और आश्रमों में सालों से छात्रावास अधीक्षक और अधिक्षिकाएं पदस्थ हैं, लेकिन उन्हें दूसरे स्थान पर नहीं भेजा जाता। बाबूओं की मनमानी भी विभाग पर हावी है। खास बात यह है कि कईं शिक्षक स्कूलों में आज तक पढ़ाने नहीं गए। लंबे समय से वह छात्रावास और आश्रम ही संभाल रहे हैं।
वर्जन-
शिकायत सामने आई, मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे
– आपके माध्यम से ही यह मामला संज्ञान में आया है। स्कूल लगने के बाद छुट्टी का अवकाश लेने की बात सही नहीं है। भावसा स्कूल को लेकर जांच कराएंगे और अगर गलत पाया जाता है तो कार्रवाई करेंगे।
– संतोष सिंह सोलंकी, डीईओ बुरहानपुर

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles