Homeबुरहानपुरमैरिज गार्डन और धर्मशाला संचालकों को नगर...

मैरिज गार्डन और धर्मशाला संचालकों को नगर निगम की चेतावनी

प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर निगम आयुक्त ने जारी किए आदेश बुरहानपुर। शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक फ्री बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत, मैरिज गार्डन, धर्मशालाओं और मैरेज हॉल में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया […]

  • प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर निगम आयुक्त ने जारी किए आदेश

बुरहानपुर। शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक फ्री बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत, मैरिज गार्डन, धर्मशालाओं और मैरेज हॉल में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश में संबंधित प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
यदि किसी मैरेज गार्डन, धर्मशाला, या मैरेज हॉल में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग होता पाया गया, तो उसकी वीडियोग्राफी और पंचनामा तैयार कर जुर्माना लगाया जाएगा। कार्यक्रम आयोजकों और मैरिज गार्डन प्रबंधकों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। घरेलू कार्यक्रमों के लिए यह राशि 500 रुपये होगी। यदि प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक का उपयोग जारी रहता है, तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित संपत्ति की कुर्की की जा सकती है।
नगर निगम ने निम्न वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया है
• स्टिक्स: ईयर बड्स, गुब्बारे
• खाद्य सामग्री: आइसक्रीम, कैंडी
• कटलरी: कप, प्लेट, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे
• अन्य: स्ट्रॉ, स्टिरर, मिठाई के डिब्बे, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट
• सजावटी सामग्री: पॉलीस्टाइरीन (थर्मोकोल), प्लास्टिक झंडे
• पीवीसी बैनर: 120 माइक्रोन से कम मोटाई के
डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था
नगर निगम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी मंगल भवन, मैरिज गार्डन और धर्मशालाओं से ठोस कचरे का संग्रहण डोर-टू-डोर कलेक्शन वाहन के माध्यम से किया जाए। इसके लिए मैरिज गार्डन/धर्मशालाओं के लिए शुल्क: ₹1,000 प्रति कार्यक्रम। घरेलू कार्यक्रमों के लिए शुल्क: ₹500 प्रति कार्यक्रम।
नगर निगम का सख्त अभियान
यह कदम बुरहानपुर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में उठाया गया है। प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए यह प्रतिबंध महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, नगर निगम ने शहर में प्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए यह सख्त अभियान शुरू किया है।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles