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मेडिकल व्यवसायी से 89 लाख की ठगी: इन्वेस्टमेंट के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

बुरहानपुर। शहर में एक मेडिकल व्यवसायी को इन्वेस्टमेंट के नाम पर 89 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। अनजान मोबाइल नंबर से वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर यह ठगी की गई। मामले की शिकायत पर लालबाग पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर […]

बुरहानपुर। शहर में एक मेडिकल व्यवसायी को इन्वेस्टमेंट के नाम पर 89 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। अनजान मोबाइल नंबर से वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर यह ठगी की गई। मामले की शिकायत पर लालबाग पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
पीड़ित मनीष कुमार नामदेव (50), निवासी न्यू इंदिरा कॉलोनी बुरहानपुर में मेडिकल एजेंसी का संचालन करते हैं। नवंबर 2024 में, उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने ‘A-8 SMC सेकंड फेस प्रॉफिट प्लान’ नामक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां शेयर मार्केट से जुड़ी जानकारी साझा की जाती थी। ग्रुप में शेयर खरीदने और बेचने पर भारी मुनाफा मिलने का दावा किया गया।
पीड़ित ने दिसंबर 2024 तक ग्रुप में देखा कि अन्य सदस्यों को लाखों रुपये का लाभ हो रहा है। इसी दौरान, उन्हें इन्वेस्ट करने के लिए प्रेरित किया गया। जब उन्होंने ग्रुप एडमिन से संपर्क किया, तो उन्हें एक फर्जी कस्टमर केयर लिंक (SMC कस्टमर केयर A-18) भेजा गया, जो वॉट्सएप नंबर 8670516451 से संचालित था। इसके बाद, उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।
ठगी के दौरान किए गए फंड ट्रांसफर
पीड़ित ने 13 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 तक विभिन्न बैंक खातों में 89.10 लाख रुपये जमा किए।
• 13 दिसंबर 2024 – सारस्वत बैंक वलुज, महाराष्ट्र में स्थित आदित्य इंटरप्राइजेस के खाते में 15.10 लाख रुपये।
• 23 दिसंबर 2024 – मां भांडेगरनी ट्रेडर्स के खाते में 17 लाख रुपये।
• 26 दिसंबर 2024 – साद ग्लोबल गारमेंट ओपीसी प्रा. लि. के खाते में 10 लाख रुपये।
• 2 जनवरी 2025 – अरुष कंस्ट्रक्शन एंड मटेरियल के खाते में 20 लाख रुपये।
• 3 जनवरी 2025 – रेणुका इंटरप्राइजेस के खाते में 10 लाख रुपये, सिफा फैशन आहिल के खाते में 7 लाख रुपये।
ठगी का पता कैसे चला?
5 जनवरी 2025 को जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम की जांच की, तो पाया कि एप्लिकेशन अचानक बंद हो गई थी। उन्होंने A-8 SMC सेकंड फेस प्रॉफिट प्लान वॉट्सएप ग्रुप में शिकायत की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कस्टमर केयर से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी नंबर बंद मिले। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ बड़ा वित्तीय फ्रॉड हुआ है।
एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच जारी
पीड़ित ने पुलिस को सभी बैंक ट्रांजेक्शन की स्क्रीनशॉट और अन्य सबूत सौंपे। लालबाग पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
• अनजान वॉट्सएप ग्रुप में जुड़ने से पहले जांच करें।
• किसी भी निवेश स्कीम में पैसे लगाने से पहले कंपनी की वैधता की पुष्टि करें।
• शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट के नाम पर कोई अविश्वसनीय गारंटी देने वाली स्कीम से बचें।
• बैंक ट्रांजेक्शन के दौरान कंपनी और अकाउंट होल्डर की पूरी जानकारी लें।
• किसी भी फ्रॉड की आशंका होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या पुलिस में शिकायत करें।

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