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माधुरी बेन हमारे आदिवासियों के जंगल खत्म कर रही -सिंघार

आदिवासी अधिकार सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप कहा, आदिवासियों को सामूहिक पट्टे क्यों नहीं दे रही सरकार बुरहानपुर। जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम धूलकोट में बुधवार को आदिवासी अधिकार सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव, पूर्व कृषि मंत्री सचिव यादव सहित अन्य […]

बुरहानपुर। जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम धूलकोट में बुधवार को आदिवासी अधिकार सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव, पूर्व कृषि मंत्री सचिव यादव सहित अन्य कांग्रेस विधायक, नेता शमिल हुए। दरअसल जिले में वनाधिकार के आठ हजार पट्टे निरस्त होने के विरोध में यह सम्मेलन आयोजित किया गया था।
Sadaiv Newsइस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाजजन से कहा वनाधिकार कानून में है कि पट्टे निरस्त करने के पहले आपको नोटिस देना और आपकी बात को सुनना है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार आपके साथ छलावा करती है। आपकी सुनवाई नहीं करना चाहती। कानून में यह भी लिखा सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर उसके पास पर्ची भी नहीं है तो अगर उसके गांव में वनाधिकार समिति है, बुजुर्ग लोग हैं वह बोले दें कि यह 1980 के पहले से वहां काबिज है उसको पट्टा मिलेगा। 2006 का कानून था, हमारी सरकार में प्रदेश में सवा तीन लाख पट्टे बांटे। सरकार गिर गई यह अलग बात है, लेकिन हम हर आदिवासी को पट्टे देना चाहते थे। सिंघार ने कहा बुरहानपुर जिले में 8 हजार लोगों के पट्टे निरस्त कर दिए।
कहा, झाबुआ में सिर्फ 5 पट्टे ही बंटे
Sadaiv Newsनेता प्रतिपक्ष सिंघार ने आदिवासी समाजजन से पूछा कि क्या 200 या 500 हेक्टेयर का पट्टा मिले तो जंगल बचाओगे। उन्होंने कहा यह अधिकार हमारी सरकार ने दिया, लेकिन झाबुआ में सिर्फ 5 पट्टे बंटे। वहीं मीडिया से चर्चा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा देश में मंहगाई कैसे कम हो। किसानों की आय कैसे बढ़े। महिला सुरक्षा, आदिवासी पट्टे, दलितों पर अत्याचार रोकने की बात भाजपा के लोग क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा मैंने स्पष्ट कहा कि अगर आप जंगलों में आदिवासियों की मदद करना चाहतीं हैं तो माधुरी बेन जंगल क्यों कटवा रही हैं। बाहर के लोग आकर जंगल काट रहे हैं। आदिवासी जंगल न काटे पेड़ लगाएं। इस बात पर माधुरी बेन को प्रयास करना चाहिए। सरकार सामूहिक पट्टे जंगल के क्यों नहीं देना चाहती, क्या माइनिंग, रेत माफियओं के करण आप पट्टे नहीं देना चाह रहे हो। मैं समझता हूं भाजपा आदिवासी के खिलाफ है। हम पार्टी फोरम के अलावा विधानसभा में भी यह मामला उठाएंगे। वहीं माधुरी बेन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को शर्म आना चाहिए। माफिया के चंगुल से निकलकर वन बचाने में आदिवासी समाज के साथ आना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव बोले- आदिवासियों को मिले पट्टे का विभाजन नहीं करने दे रही सरकार
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव ने कहा, जो मालिकाना हक 40 से 50 साल से हमारे पुरखों के पास है उसका विभाजन भी सरकार के लोग हमें नहीं कराने दे रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष आज इसीलिए यहां आए हैं कि आपकी लड़ाई को विधानसभा के पटल पर हम रखेंगे। तमाम विधायक यहां बैठे हैं। अगले महीने में विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है। आपकी लड़ाई सड़क पर तो हम लड़ते ही हैं विधानसभा में भी नेता प्रतिपक्ष और तमाम साथी आपकी लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस पार्टी आपकी लड़ाई पूरी ताकत से लड़ते आई है। आगे भी साथ हैं।

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