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शिकारपुरा की बंद गली में चलता था देह व्यापार का खेल, ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस ने खोला राज; कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा

- खिड़की की दरार से दिखा सौदा, कमरे में अर्धनग्न हालत में मिले आरोपी; तीन महिलाएं और एक पुरुष दोषी करार

बुरहानपुर। शहर के शिकारपुरा क्षेत्र की एक संकरी गली में चल रहे देह व्यापार के गुप्त अड्डे पर कानून ने आखिरकार निर्णायक चोट की है। लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण में न्यायालय ने तीन महिलाओं और एक पुरुष को दोषी मानते हुए जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला साफ संकेत देता है कि शहर में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ अब कार्रवाई केवल छापों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अदालत तक पहुंचकर सजा में बदल रही है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार पूरे मामले की सुनवाई में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अनिलसिंह बघेल, सुश्री उषा इंगले और राधेश्याम वास्केल ने प्रभावी पैरवी की, जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को दोषसिद्ध माना।

मुखबिर की सूचना से शुरू हुई पूरी कार्रवाई

13 अगस्त 2023 को शिकारपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ विवेचना अधिकारी कमल पंवार को मुखबिर से सूचना मिली कि कश्मीरा टेक्सटाइल्स के आगे स्थित एक मकान में देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित रणनीति बनाई। पंचों को बुलाकर सूचना पंचनामा तैयार किया गया और एक आरक्षक को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा गया। आरक्षक विजय को सादे कपड़ों में भेजा गया। उसके पास चिन्हित नोट दिए गए ताकि लेन-देन का प्रमाण सीधे हाथ लगे।

खिड़की की दरार से देखा गया पूरा लेन-देन

पुलिस टीम मकान के पीछे पहुंची। वहां खिड़की की दरार से अंदर का दृश्य देखा गया। अंदर एक महिला ग्राहक बने पुलिसकर्मी से बात करती नजर आई। थोड़ी देर बाद उसने उससे नकद राशि ली। जैसे ही यह पुष्टि हुई कि सौदा पूरा हो चुका है, पुलिस ने तुरंत दरवाजा खटखटाया।

दरवाजा खुलते ही सामने आया अंदर का दृश्य

दरवाजा खुलते ही पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई। भीतर दूसरे कमरे में दो महिलाएं और एक पुरुष संदिग्ध हालत में पलंग पर अर्धनग्न अवस्था में मिले। पुलिस ने सामाजिक मर्यादा का पालन करते हुए पहले उन्हें कपड़े पहनने का अवसर दिया और फिर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि ग्राहक से ₹500-₹500 लेकर शारीरिक संबंध कराए जा रहे थे।

मौके से नकदी और आपत्तिजनक सामग्री बरामद

पुलिस ने मौके से चिन्हित नकदी बरामद की। तलाशी में पुरुष आरोपी से एक खुला कंडोम, एक महिला से दो कंडोम, दूसरी महिला से तीन कंडोम जब्त किए गए। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना शिकारपुरा में अपराध क्रमांक 576/23 दर्ज किया गया।

इन धाराओं में चला मुकदमा

प्रकरण में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5 और 8 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना पूरी की गई और न्यायालय में चालान पेश किया गया।

अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा

माननीय न्यायालय ने प्रथम महिला आरोपी को धारा 3 में 1 वर्ष कठोर कारावास और ₹2000 अर्थदंड, धारा 4 में 6 माह साधारण कारावास और ₹500 अर्थदंड, धारा 5 में 3 वर्ष कारावास और ₹1000 अर्थदंड, दूसरी महिला आरोपी को धारा 4 में 6 माह कारावास और ₹500 अर्थदंड, तीसरी महिला आरोपी को धारा 4 में 6 माह साधारण कारावास और ₹500 अर्थदंड, पुरुष आरोपी मूलचंद को धारा 5 में 3 वर्ष साधारण कारावास और ₹1000 अर्थदंड से दंडित किया।

अदालत का संदेश: संगठित अपराध पर अब सीधी सजा

इस फैसले को शहर में देह व्यापार के खिलाफ न्यायिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की योजनाबद्ध कार्रवाई, मौके से मिले साक्ष्य और अभियोजन की मजबूत पैरवी ने इस मामले को सजा तक पहुंचाया।

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