बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान तुकईथड़ केंद्र से बड़ी लापरवाही सामने आई है। अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र एक महिला शिक्षिका ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दिया। मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर हर्ष सिंह खुद जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा के साथ स्कूल पहुंचे। शिक्षिका को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया, जबकि केंद्राध्यक्ष को भी हटा दिया गया है।
9:06 बजे स्टेटस, 9:35 पर शिकायत
मंगलवार सुबह 9:35 बजे प्रशासन को सूचना मिली कि तुकईथड़ प्राथमिक शिक्षक राजकुमारी सोनी ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर परीक्षा से जुड़ी फोटो डाली है। प्रथम दृष्टया वह कक्षा 10वीं अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र प्रतीत हुआ। तुरंत एडीएम वीर सिंह चौहान से जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि शिक्षिका ने सुबह करीब 9:06 बजे प्रश्नपत्र की फोटो अपलोड की थी। यानी परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद पेपर की तस्वीर सोशल मीडिया तक पहुंच गई।
नकल कराने की मंशा कबूल
पूछताछ में शिक्षिका ने स्वीकार किया कि उसने अनुपस्थित छात्र की टेबल से प्रश्नपत्र की फोटो खींची और एक अन्य व्यक्ति को भेजी, ताकि उसे हल कराकर छात्रों को नकल कराई जा सके। यह स्वीकारोक्ति सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। शिक्षिका को तत्काल केंद्र से बाहर किया गया और पुलिस थाने भेजकर पूछताछ शुरू की गई।
प्रशासन ने कहा—पेपर लीक नहीं हुआ
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र पर 109 छात्र-छात्राओं को सुबह 8:40 बजे से पहले प्रवेश दे दिया गया था। प्रश्नपत्र निर्धारित समय पर वितरित हुआ। फोटो परीक्षा प्रारंभ होने के बाद ली गई। प्रश्नपत्र किसी भी प्रकार से लीक नहीं हुआ है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की फोटो बाहर कैसे गई और निगरानी व्यवस्था कितनी मजबूत थी?
केंद्राध्यक्ष बदले, विभागीय जांच शुरू
सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग भारत जांचपुरे ने बताया कि यह कृत्य शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही है और माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों का उल्लंघन है। शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उनका मुख्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग कार्यालय निर्धारित किया गया है। विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। केंद्राध्यक्ष को भी बदल दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि प्रशासन ने पेपर लीक से इनकार किया है, लेकिन परीक्षा केंद्र के भीतर से प्रश्नपत्र की फोटो बाहर जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या परीक्षा केंद्रों में मोबाइल नियंत्रण के नियमों का पालन हो रहा है? क्या निगरानी पर्याप्त थी? क्या अन्य लोग भी इस साजिश में शामिल थे? इन सवालों के जवाब अब विभागीय जांच के बाद सामने आएंगे।
बहरहाल, बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में इस तरह की घटना ने शिक्षा व्यवस्था की साख पर चोट जरूर पहुंचाई है। प्रशासन ने सख्ती दिखाई है, लेकिन यह मामला आने वाले दिनों में और भी खुलासे कर सकता है।