बुरहानपुर। शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की बार-बार अवहेलना करने पर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने सोमवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए बुरहानपुर के जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
यह निर्णय उस विस्तृत प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है जो कलेक्टर बुरहानपुर ने संभागायुक्त को भेजा था, जिसमें अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में देरी बनी मुख्य वजह
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी सोलंकी के पास कई महत्वपूर्ण सीएम हेल्पलाइन शिकायतें लंबे समय से लंबित पड़ी थीं। इनका समयसीमा में निराकरण न होना राज्य स्तरीय समीक्षा में लगातार सामने आता रहा। इसके बावजूद सोलंकी ने न तो इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई की और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को संतोषजनक जवाब दिया।
उत्कर्ष अभियान और जन आकांक्षा प्रकरणों में भी ढिलाई
जिला स्तर पर चलाए जा रहे कई महत्वपूर्ण अभियानों में भी अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठे हैं। विशेष रूप से धरबी आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, जन आकांक्षा प्रकरण, और विद्यालय शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य दायित्वों में अधिकारी ने अपेक्षानुसार कार्य नहीं किया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि इन सभी मामलों पर उन्हें कई बार कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, लेकिन सोलंकी ने न तो जवाब दिया और न ही किसी प्रकार का सुधार दिखाया। कुछ मामलों में तो निर्देश स्पष्ट रूप से दिए जाने के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया।
पहले भी दी गई थी चेतावनी, पर नहीं हुआ सुधार
कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि संतोष सिंह सोलंकी को पूर्व में भी नोटिस दिया गया था। उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए निर्देश दिए गए, लेकिन हालात जस के तस रहे। उच्चाधिकारियों का कहना है कि “बार-बार चेतावनी के बावजूद जब स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा, तब मजबूरन निलंबन की कार्रवाई करनी पड़ी।”
निलंबन के बाद भी मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे
निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संतोष सिंह सोलंकी की निलंबन अवधि में मुख्यालय बुरहानपुर ही रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, लेकिन विभागीय जांच पूरी होने तक वे किसी भी प्रकार के प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकेंगे।
उच्च अधिकारियों की सख्त चेतावनी—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा है कि शिक्षा विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। जन सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समयसीमा में निराकरण सरकार की प्राथमिकता है। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।