बुरहानपुर। महाराष्ट्र सीमा से सटे ग्राम इच्छापुर में डायरिया फैलने से हड़कंप मच गया है। पिछले तीन-चार दिनों से गांव के लोग पेट में मरोड़, उल्टी और दस्त की समस्या से जूझ रहे थे। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना मिली तो आनन-फानन में गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शाम 5 बजे तक करीब 250 लोगों की जांच की गई, जिनमें 25 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले।
राहत की बात यह रही कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं थी। डॉक्टरों ने मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया, दवाइयां और ओआरएस उपलब्ध कराया तथा जरूरी सावधानियां बताकर घर भेज दिया। गांव में बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रविवार और सोमवार को भी शिविर जारी रखने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों का दावा—हर घर में एक-दो मरीज
इधर, गांव में बीमारी फैलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के लगभग हर घर में एक से दो लोग उल्टी-दस्त, पेट दर्द और मरोड़ से पीड़ित हैं। कई परिवार पिछले तीन दिनों से बीमारी झेल रहे हैं, लेकिन समय पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में सप्लाई हो रहा पानी दूषित हो सकता है। उन्होंने पीएचई विभाग से तत्काल पानी के सैंपल लेकर जांच कराने, पाइपलाइन की जांच करने और बीमारी से पीड़ित सभी लोगों का निःशुल्क उपचार कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब गांव में घर-घर मरीज सामने आ रहे हैं तो केवल प्राथमिक उपचार पर्याप्त नहीं है। पानी की गुणवत्ता की जांच कर बीमारी के असली कारण का पता लगाया जाना चाहिए।
250 लोगों की जांच, 25 में डायरिया की पुष्टि
जिला महामारी विशेषज्ञ रविंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि गांव में पिछले दो-तीन दिनों से उल्टी-दस्त और पेट में मरोड़ की शिकायतें सामने आ रही थीं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने के बाद सीएमएचओ और बीएमओ के निर्देश पर तत्काल स्वास्थ्य टीम गांव भेजी गई। टीम में दो एमबीबीएस डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। शिविर में करीब 250 लोगों की जांच की गई। इनमें 25 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले, जबकि अन्य मरीजों में बुखार, हाथ-पैर में दर्द और सामान्य मौसमी बीमारियों की शिकायतें पाई गईं। स्वास्थ्य टीम ने डायरिया के मरीजों को ओआरएस, दवाइयां और आवश्यक उपचार दिया। साथ ही ग्रामीणों को साफ और उबला हुआ पानी पीने, बासी भोजन से बचने तथा तबीयत बिगड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई।
सप्लाई लाइन में लीकेज की आशंका
स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक तौर पर पानी की सप्लाई लाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी घरों तक पहुंचने की आशंका जताई है। विभाग का मानना है कि पाइपलाइन में लीकेज होने से गंदा पानी सप्लाई के पानी में मिल सकता है, जिससे गांव में डायरिया के मामले बढ़े। पीएचई विभाग की टीम गांव में पानी की लाइन का लीकेज तलाश रही है। हालांकि शनिवार शाम तक लीकेज का स्पष्ट स्थान सामने नहीं आ पाया था। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लीकेज दुरुस्त नहीं होगा और पानी के सैंपल की जांच नहीं होगी, तब तक बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा।
जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि की सूचना पर पहुंची टीम
बुरहानपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटील ने गांव में लोगों के बीमार होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इच्छापुर पहुंची और शिविर लगाकर मरीजों की जांच शुरू की। स्वास्थ्य विभाग अब गांव में नए मरीजों पर नजर रखेगा। रविवार और सोमवार को भी शिविर लगाया जाएगा, ताकि किसी भी नए मरीज की तत्काल जांच और उपचार किया जा सके।
सीमा से सटा बड़ा गांव, इसलिए विभाग अलर्ट
इच्छापुर महाराष्ट्र की सीमा से सटा हुआ बड़ा गांव है। एक ही दिन में 25 डायरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग का फोकस अब बीमारी को फैलने से रोकने, नए मरीजों की पहचान करने और पानी के संभावित स्रोत की जांच कराने पर है। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे फिलहाल पानी उबालकर पिएं, खुले में रखा भोजन न खाएं, हाथों की सफाई रखें और बच्चों तथा बुजुर्गों की तबीयत पर विशेष नजर रखें।
25 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले
“शनिवार को इच्छापुर में डायरिया फैलने की सूचना मिली थी। तत्काल टीम भेजकर शिविर लगाया गया। करीब 250 लोगों की जांच में 25 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले हैं। किसी की हालत गंभीर नहीं है। रविवार और सोमवार को भी शिविर जारी रहेगा। दो एमबीबीएस डॉक्टर और स्वास्थ्य स्टाफ मरीजों के उपचार में जुटे हैं।” — रविंद्र सिंह राजपूत, जिला महामारी विशेषज्ञ, बुरहानपुर