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6 महीने में बनी सड़कें भी जर्जर, ठेकेदारों पर केस दर्ज करने की मांग
बुरहानपुर। शहर की टूटी-फूटी सड़कों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। रोज़ाना हादसों से तंग आ चुकी जनता सोमवार दोपहर काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट पहुंची और धरना दिया। भीड़ ने डिप्टी कलेक्टर पल्लवी पुराणिक को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर साफ कहा— गणेशोत्सव और ईद मिलादुन्नबी जैसे बड़े त्योहारों से पहले सड़कें नहीं सुधरीं तो जनता सड़कों पर और उग्र रूप में उतरेगी।
शहर में गड्ढों वाली सड़कों से आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। रात के समय तो हाल और बिगड़ जाते हैं, क्योंकि कई जगह स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। लोगों का कहना है कि त्योहारों में भीड़ और प्रतिमाओं की शोभायात्राओं के दौरान हालात बेकाबू हो सकते हैं।
धरना प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और पदाधिकारी भी आम लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे। अजय सिंह रघुवंशी ने कहा— दलगत राजनीति से उपर उठकर सभी यहां जमा हुए हैं। खराब सड़क के कारण हादसे हो रहे हैं। शासन में बैठे जनप्रतिनिधियों को भी अपना फर्ज पूरा करना चाहिए। गणेश जी की प्रतिमाएं बड़ी बड़ी बन रही थी तब प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई करना चाहिए था। यह एक सांकेतिक आंदोलन था। अगर सड़कें दुरूस्त नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पक्का पेचवर्क नहीं किया जा रहा है।
ज्ञापन में उठी ये बड़ी मांगें
ज्ञापन में जनता ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की— गड्ढों से भरी सड़कों की तुरंत मरम्मत और पक्का पेचवर्क। पिछले 6 महीने में बनी लेकिन खराब हो चुकी सड़कों के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें तुरंत दुरुस्त की जाएं। गणेशोत्सव और ईद मिलादुन्नबी को देखते हुए सभी मार्गों और पंडालों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था हो। उतावली नदी तक जाने वाले मार्ग की विशेष सफाई कराई जाए। गणेश विसर्जन से पहले राजघाट और अन्य घाटों की सफाई और विसर्जन कुंड का निर्माण।
जनता का आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
लोगों का कहना है कि सिर्फ कागजों पर विकास नहीं चलेगा। छह महीने पहले बनी सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। जब जनता टैक्स देती है तो उसे सड़क और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएँ क्यों नहीं मिलतीं? अगर हमारी आवाज़ नहीं सुनी गई तो अब सड़क पर ही संघर्ष होगा।
ये रहे मौजूद
पूर्व विधायक हमीद काजी, निगम अध्यक्ष अनीता यादव, गौरी शर्मा, सरिता भगत, हेमंत पाटिल, अकील औलिया, फरीद काजी, उबैद उल्ला, अजय उदासीन, हमीद डायमंड, दिनेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन धरना स्थल पर मौजूद रहे।