अब जनता पूछ रही- आवारा पशुओं पर नकेल कौन कसेगा?
बुरहानपुर। शहर के प्रतापपुरा इलाके में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। छोटी सब्जी मंडी में आवारा सांड के हमले में 65 वर्षीय नरेंद्र चूड़ीवाले की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह करीब 5:30 बजे नरेंद्र रोज की तरह मंडी की ओर जा रहे थे। तभी अचानक गली से निकले सांड ने उन पर हमला बोल दिया। उसने बुजुर्ग को पटक दिया। सिर में गहरी चोट लगने से उनकी वहीं मौत हो गई।
दो दिन से आतंक मचा रहा था यही सांड
यह वही सांड है जो पिछले दो दिनों से पांडुमल चौराहा और प्रतापपुरा इलाके में दहशत मचा रहा है। शुक्रवार को इसने कई लोगों पर हमला किया था। पांडुमल चौराहे पर एक बुजुर्ग को धक्का मारकर नाली में गिरा दिया। गनीमत रही कि आसपास के लोग उन्हें समय रहते बाहर निकाल पाए। दो दिन में करीब 8–10 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं।
पार्षद भी नहीं बचे हमले से
क्षेत्रीय पार्षद अजय बालापुरकर ने बताया कि उन पर भी सांड ने हमला किया था, लेकिन वे बाल-बाल बचे। वहीं, पार्षद एहफाज मीर ने लोगों को चेताया कि वे इस सांड से दूर रहें और सतर्क रहें।
मृतक गरीब परिवार से थे, पहले से लकवाग्रस्त
मृतक नरेंद्र चूड़ीवाले पहले से ही लकवाग्रस्त थे। उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। शनिवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्थानीय पार्षदों ने प्रशासन से मृतक परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
इलाके में दहशत, लोग बोले- घर से निकलने से भी डर लग रहा
घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अब घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में आवारा पशु लगातार खतरा बनते जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा। एक दुकानदार ने गुस्से में कहा- दिन में सैकड़ों लोग सब्जी मंडी आते हैं, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है। वर्षों से शहर में आवारा मवेशियों की समस्या बनी हुई है, लेकिन निगम की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। अब जनता खुलेआम सवाल कर रही है कि आखिर आवारा पशुओं पर नकेल कौन कसेगा?