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डेलीगेट ने लगाए सनसनीखेज आरोप, मुख्यमंत्री सहित अन्य को की शिकायत
बुरहानपुर। नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना अब सिर्फ चीनी नहीं, बल्कि घोटालों और दबाव की राजनीति उगल रहा है। कारखाने के डेलीगेट उज्जवल पिता रामदास पाटील ने पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ‘शेरा भैया’ के खिलाफ मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, आयुक्त सहकारिता, कलेक्टर और कारखाने के प्रशासक को सीधी शिकायत भेजकर प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला दिया है।
डेलीगेट का आरोप है कि पूर्व विधायक कारखाना अधिकारियों और कॉलेज प्राचार्यों को अपने घर बुलाकर धमका रहे हैं, ताकि फर्जी कर्मचारियों की जांच दबाई जा सके।
पाटील ने शिकायत में बताया कि वे 23 साल से गन्ना उत्पादक और 16 साल से कारखाने में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने 9 दिसंबर 2025 को जनसुनवाई में कारखाने में हो रही अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बाद से पूर्व विधायक ने अधिकारियों को अपने घर बुलाकर लाइन पर लाना शुरू कर दिया। आरोप है कि यदि प्राचार्य फोन नहीं उठाते तो कॉलेज के रिसेप्शन पर कॉल कर उनसे बात करवाई जाती है, ताकि दबाव बनाया जा सके।
चार ‘भूतिया कर्मचारी’, 30 लाख का खेल!
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 2019 से 2024 तक चार ऐसे कर्मचारी कारखाने और कॉलेज में दिखाए गए, जिन्हें किसी ने काम करते नहीं देखा, लेकिन पूर्व विधायक के दबाव से उन्हें लगातार वेतन दिलवाया गया। इस फर्जीवाड़े में 25 से 30 लाख रुपए की हेराफेरी बताई जा रही है — और यह पैसा किसानों के पसीने की कमाई है। अब इन्हीं फर्जी कर्मचारियों की जांच को दबाने के लिए पूर्व विधायक का दबाव तंत्र सक्रिय हो गया है।
डिफाल्टर होकर भी चला रहे सिस्टम!
डेलीगेट ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक खुद कारखाने के डिफाल्टर रह चुके हैं, उनके कार्यकाल में कई अनियमितताएं हुईं और आज वे डेलीगेट भी नहीं हैं, फिर भी पीछे से पूरी व्यवस्था को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं।