बुरहानपुर। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और तेज़ शीतलहर के बीच सोमवार शाम कलेक्टर हर्ष सिंह ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव करते हुए नया आदेश जारी कर दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल और अन्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालय अब सुबह 9 बजे से ही संचालित होंगे। नया समय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी ने पुष्टि करते हुए कहा शीतलहर को देखते हुए सभी स्कूलों का समय 9 बजे कर दिया गया है। इससे पहले लगने वाले विद्यालय अब परिवर्तित समयानुसार ही संचालित होंगे।
नवंबर में रिकॉर्ड ठंड—पिछले 5 वर्षों में पहली बार पारा 12 डिग्री पर अटका
इस वर्ष नवंबर में ठंड ने रिकॉर्ड बनाया है। 2020 से 2024 तक जहां नवंबर का न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री के बीच रहता था, वहीं इस बार लगातार एक सप्ताह से 12 डिग्री पर स्थिर है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिन तक कोल्ड वेव का असर जारी रहेगा। 16 से 18 नवंबर तक दिन में भी ठंड और बढ़ेगी। उत्तर भारत में बर्फबारी से ठंडी हवा का दबाव बढ़ रहा है। सुबह 11 बजे तक ठंड का असर बरकरार। शाम 5 बजे के बाद तापमान तेजी से गिरता है। दिन का पारा भले 29 डिग्री दर्ज किया जा रहा हो, लेकिन बर्फीली हवा के झोंकों के कारण सुबह–शाम ठंड का अहसास ज्यादा हो रहा है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि—कलेक्टर ने दी स्पष्ट चेतावनी
कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि मौसम को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में बच्चों को अत्यधिक ठंड में स्कूल नहीं भेजा जाएगा। सभी संस्थान आदेश का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि बच्चों को ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय बताएँ। प्रार्थना सभा या खेल गतिविधियाँ सुबह न कराएँ। परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी समय–समय पर दें।
रबी फसल के लिए लाभकारी ठंड, लेकिन जनजीवन पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की ठंड रबी फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों पर इसका असर अधिक दिख रहा है। सुबह की धुंध, ठंडी हवाएँ और गिरते तापमान से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें। सुबह के समय बस/ऑटो की बढ़ी हुई ठंड से बचाव के उपाय करें। स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो स्कूल को तुरंत अवगत कराएँ। जिले में मौसम का असर इसी प्रकार जारी रहा तो स्कूलों के समय में और भी परिवर्तन संभव है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।