बुरहानपुर। जिले में कलेक्टर हर्ष सिंह और लोक अभियोजक श्याम देशमुख के बीच हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर पर अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया। वकीलों ने ऐलान किया है कि जब तक कलेक्टर का स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन और विरोध जारी रहेगा।
17 अक्टूबर की घटना से भड़का विवाद
लोक अभियोजक श्याम देशमुख ने बताया कि 17 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक बुलाई गई थी। देशमुख और कुछ अन्य अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य के चलते 15 मिनट देरी से पहुँचे, तो कलेक्टर ने बैठक निरस्त कर दी। देशमुख ने कहा हमने स्टेनो को कहा कि हमारी उपस्थिति दर्ज करा दें, लेकिन दोपहर 3.30 बजे फिर से कलेक्टर ने बुलाया। जब हम पाँच अधिवक्ताओं के साथ पहुँचे, तो उन्होंने नाराजगी जताई और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पियून और गनमैन को बुलाकर हमें चेंबर से बाहर निकलवा दिया। देशमुख ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने कहा, तुम सुबह लेट क्यों आए थे? जब मैंने बताया कि कोर्ट में गवाह चल रहा था, तो उन्होंने अपमानजनक तरीके से बाहर जाने को कहा।
अधिवक्ता संघ का विरोध, आठ सदस्यीय समिति गठित
इस घटना के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने आपात बैठक बुलाई और कलेक्टर हर्ष सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। संघ ने आठ सदस्यीय समिति बनाकर निर्णय लिया कि जब तक कलेक्टर का स्थानांतरण नहीं होता, अधिवक्ता कलेक्टर न्यायालय के सभी कामों से विरत रहेंगे हालांकि वे एसडीएम और तहसीलदार न्यायालयों में कार्य करते रहेंगे। अधिवक्ताओं ने कलेक्टर के व्यवहार को अधिवक्ता वर्ग की गरिमा पर हमला बताया। अधिवक्ता यूनुस पटेल ने कहा लोक अभियोजक और अधिवक्ताओं से ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। जब तक कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी शिकायत
अधिवक्ता संघ ने इस प्रकरण की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी है। संघ का कहना है कि कलेक्टर का यह आचरण लोकतांत्रिक मर्यादा और प्रशासनिक आचरण के विपरीत है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे कलेक्टर न्यायालय के समक्ष किसी भी प्रकार की पेशी या कार्य नहीं करेंगे।
कलेक्टर बोले- फिलहाल मैं कुछ नहीं कह सकता
इस संबंध में जब कलेक्टर हर्ष सिंह से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा मैं फिलहाल इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। समय आने पर उचित जवाब दूंगा।
अधिवक्ताओं का रुख कड़ा
धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह मामला केवल श्याम देशमुख के अपमान का नहीं, बल्कि अधिवक्ता वर्ग की गरिमा और सम्मान से जुड़ा है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदेश स्तर पर किया जाएगा।