बुरहानपुर। कांग्रेस दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के जरिए संगठन की ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है, लेकिन बुरहानपुर में इसी अभियान को लेकर बुलाई गई बैठक में कई पदाधिकारी ही नहीं पहुंचे। सोमवार को गुर्जर भवन में मध्यप्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी उषा नायडू और एआईसीसी पर्यवेक्षक अमीन पटेल की मौजूदगी के बावजूद वार्ड, मंडलम और ब्लॉक स्तर के कई पदाधिकारी नदारद रहे। इस पर नायडू ने बैठक के बीच ही शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्षों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली बार ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। साथ ही पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा करने की बात कही। राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की तैयारियों के बीच स्थानीय संगठन की सक्रियता बैठक का प्रमुख मुद्दा बन गई।
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सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे पदाधिकारी, बैठक में जताई नाराजगी
कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने और आगामी अभियान की तैयारियों के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें वार्ड अध्यक्षों, वार्ड समितियों, मंडलम अध्यक्षों और ब्लॉक समितियों के सदस्यों की उपस्थिति अपेक्षित थी। हालांकि, सूचना दिए जाने के बावजूद कई पदाधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र से कुछ पदाधिकारियों ने भाग लिया, लेकिन अन्य की गैरहाजिरी पर सह प्रभारी उषा नायडू ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने शहर और ग्रामीण अध्यक्षों से कहा कि आगामी बैठकों में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए। नायडू ने पदाधिकारियों से व्यक्तिगत चर्चा करने की बात भी कही। इससे संगठनात्मक जिम्मेदारियों और बैठकों में उपस्थिति का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
राष्ट्रीय नेताओं के सामने स्थानीय संगठन की सक्रियता पर सवाल
बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक एवं महाराष्ट्र विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष अमीन पटेल भी शामिल हुए। ऐसे में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय पदाधिकारियों का अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय रहा। विशेष बात यह रही कि बैठक का उद्देश्य आगामी आंदोलन के लिए संगठन को तैयार करना था, लेकिन इसी दौरान पदाधिकारियों की उपस्थिति को लेकर नाराजगी सामने आई। अब सवाल यह है कि जब संगठनात्मक बैठक में ही सभी पदाधिकारी नहीं पहुंच रहे, तो दिल्ली की महारैली के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारियां किस तरह आगे बढ़ेंगी?
अमीन पटेल बोले—एसआईआर से हटाए गए नाम वापस जोड़े जाएं
एआईसीसी पर्यवेक्षक अमीन पटेल ने कहा कि कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से देश और मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पटेल ने इसे मताधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
अब अगली बैठक में पदाधिकारियों की उपस्थिति पर नजर
प्रदेश सह प्रभारी की नाराजगी के बाद स्थानीय कांग्रेस संगठन के सामने पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की चुनौती है। नायडू ने अगली बैठक में वन-टू-वन चर्चा की बात कही है। एक तरफ कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता अधिकारों को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है, दूसरी तरफ बुरहानपुर की बैठक में पदाधिकारियों की गैरहाजिरी ने स्थानीय संगठन के समन्वय और सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

