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बहादरपुर रोड पर बनेगा नया कॉम्प्लेक्स और गीता भवन, ₹20 करोड़ की लागत से निर्माण प्रस्तावित
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निगम की आय दोगुनी करने की तैयारी, मंत्री विजयवर्गीय की समीक्षा बैठक में बुरहानपुर निगम ने रखा खाका
बुरहानपुर। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में सोमवार को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर के महापौरों और निगम आयुक्तों की बड़ी समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल और निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव भी शामिल हुए। दोनों ने बुरहानपुर नगर निगम की आय वृद्धि और विकास कार्यों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
निगम ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में औसत आय ₹6.56 करोड़ रही है। अब नई कर व्यवस्था और योजनाओं के लागू होने से आय को ₹15 करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संपत्ति कर में 20% वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क और सीवरेज सेवाओं का उपभोक्ता प्रभार प्रभावशील किया गया है।
जल आवर्धन योजना से बढ़ेगी आय
- निगम रिकॉर्ड में पहले 18 हजार जल कनेक्शन दर्ज थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 38 हजार किया गया है।
- नए कनेक्शनों को ई-नगर पालिका आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे 10 अक्टूबर 2025 तक जलकर की वसूली दोगुनी हो जाएगी।
- जल आवर्धन योजना 2018 में 50 MLD की क्षमता से शुरू हुई थी। लागत उस समय ₹140 करोड़ थी, जो अब बढ़कर ₹200 करोड़ पहुंच गई है।
खर्चों पर लगाम
- निगम का वर्ष 2022-23 में सालाना विद्युत बिल दस करोड़ बीस लाख था, जिसे घटाकर 2024-25 में आठ करोड़ चौंसठ लाख तक लाया गया है और वर्तमान वित्त वर्ष के अंत तक सात करोड़ तक लाने का लक्ष्य है।
- 55 कचरा वाहनों पर GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है।
- साथ ही 10 इलेक्ट्रिक कचरा वाहन खरीदे गए हैं, जिन्हें नगर निगम परिसर में सोलर पॉइंट स्टेशन से चार्ज किया जा रहा है।
नई विकास योजनाएं
बहादरपुर रोड पर बीज निगम से 10 एकड़ भूमि आवंटित कराई गई है। यहां निगम कार्यालय परिसर, व्यावसायिक आवासीय कॉम्प्लेक्स और ₹20 करोड़ की लागत से गीता भवन का निर्माण प्रस्तावित है। निगम ने पुनः घनत्वीकरण योजना के तहत अनुपयोगी भूमि का मूल्यांकन कर ₹5,425.54 लाख की योजना शासन को स्वीकृति हेतु भेजी है। इससे लोकोपयोगी संरचनाओं का निर्माण कर नए आय स्रोत बनाए जाएंगे।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी महापौरों और आयुक्तों को स्पष्ट संदेश दिया अब नगर निगम को शासन पर निर्भर नहीं रहना है, बल्कि स्थानीय संसाधनों से आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा।