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प्रकृति एवं मानव जीवन पर रासायनिक खेती के नुकसान एवं निदान विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
बुरहानपुर। ईट राइट–सही तरीके से खाना और प्रकृति एवं मानव जीवन पर रासायनिक खेती के नुकसान एवं निदान विषय पर बुरहानपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें तेलंगाना के सीएसए (सेंटर फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) के कार्यकारी संचालक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामान्जनयेलू और विधायक व पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने किसानों से संवाद किया।
कार्यशाला का आयोजन कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा बुरहानपुर, सीएसए तेलंगाना और सतपुड़ा नेचर फ्रेश के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान जिलेभर के किसान, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यशाला में बोलते हुए अर्चना चिटनीस ने कहा –बुरहानपुर जिला देश में सबसे अधिक रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड का उपयोग करने वालों में गिना जाता है। यह हमारी मिट्टी की सेहत के लिए खतरनाक है। हमें गोबर खाद, कम्पोस्ट, जीवामृत, पंचगव्य और जैव उर्वरकों का उपयोग कर मिट्टी को बचाना होगा। मिट्टी ही जीवन का आधार है, इसे सुरक्षित रखना ही हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पन्न अनाज, सब्जी और फलों को स्थानीय बाजार उपलब्ध कराना होगा, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
मुट्ठीभर मिट्टी ही जीवन का आधार
चिटनीस ने भावुक अपील करते हुए कहा जिस मिट्टी से हमारा अस्तित्व है, उसे सहेजना होगा। अगर हम जहरीला भोजन खाना बंद करेंगे तो किसान भी उसे उगाना बंद करेगा। खेती का आधार मिट्टी है और दुनिया में सबसे कीमती चीज मिट्टी ही है। उन्होंने ऐलान किया कि बुरहानपुर में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में लिया जाएगा।
तेलंगाना का मॉडल रखा सामने
डॉ. रामान्जनयेलू ने कहा कि कभी तेलंगाना राज्य भी पंजाब-हरियाणा की तरह रासायनिक उर्वरकों का भारी उपयोग करता था और देश में तीसरे स्थान पर था। लेकिन अब वहां 10 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती की जा रही है और यह राज्य प्राकृतिक खेती में विश्व में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने चेताया कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति, जीवांश और जलधारण क्षमता खत्म हो जाती है। नतीजा यह होता है कि मिट्टी धीरे-धीरे कठोर और बंजर बनने लगती है।
ये रहे मौजूद
कार्यशाला में नेपानगर विधायक मंजू दादू, महापौर माधुरी पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, निगम अध्यक्ष अनिता यादव, पूर्व महापौर अतुल पटेल, वरिष्ठ कृषक किशोर शाह, गुलचंद्रसिंह बर्ने, अमित मिश्रा, किशोर पाटिल, देवानंद पाटिल, दरबार जीतू, समर्थ चिटनिस, चिंतामन महाजन, सुभानसिंह चौैहान, सुनिल वाघे, चिंटू राठौर, दीवाकर सपकाले, देवीदास पाटिल, मनोज दांगुरे, वसंता चौहान, गंगाराम आखारे, अशोक पाटिल, रामदास पाटिल, आकाश राखुंडे एवं दीपक महाजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और किसान शामिल हुए। अंत में आभार कृषि उप संचालक एम.एस. देवके ने व्यक्त किया।







