बुरहानपुर। जेएमसी कंपनी की लापरवाही और मनमानी के बाद एक बार फिर से शहर में डायरिया का प्रकोप छा गया है। इससे पहले भी एक बार दूषित पानी के कारण डायरिया फैला था। कुछ लोगों की मौत भी हुई थी, लेकिन प्रशासन ने मौतों से इनकार कर दिया था। कंपनी पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन आज तक क्या कार्रवाई हुई यह बात सार्वजनिक नहीं की गई। एक बाार फिर से कुछ वार्डों में डायरिया फैल गया है। महज 24 घंटे में 40 से अधिक मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। इनकी संख्या बढ़ने की आशंका है। बताया जा रहा है कि निजी कंपनी ने इस क्षेत्र में कुछ समय पहले ही पीने की पाइप लाइन बिछाई है। पहले यहां उतावली नदी से जल वितरण होता था, लेकिन उसे बंद कर अब निजी कंपनी के माध्यम से जल वितरण हो रहा है। पानी दूषित होने से बीमारी फैल रही है। वहीं दूसरी ओर लीपापोती का दूर शुरू हो गया है।
दरअसल शहर में डायरिया के कारण कुछ वार्डों में लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत सामने आई है। शहर के आलमगंज, सिंधीपुरा, कालाबाग, आजाद नगर, लोहार मंडी क्षेत्र से करीब 40 से अधिक अस्पताल में भर्ती हुए हैं जिसमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें 20 से अधिक बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। जिन्हें पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है जबकि अन्य मरीज मेडिकल वार्ड में भर्ती हैं। इसे लेकर पार्षदों ने आक्रोश जताते हुए कहा डायरिया दूषित पानी के कारण फैल रहा है।
पार्षदों ने जताया आक्रोश
लोहार मंडी के पार्षद फहीम हाशमी ने कहा नगर निगम और निजी कंपनी की ओर से जल वितरण होता है। अकेले मेरे ही वार्ड के 17 लोगों को 24 घंटे में जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया है। नगर निगम आयुक्त को उनकी लिस्ट भी दी गई। कईं लोग निजी अस्पताल में भी गए हैं। जिला अस्पताल में बराबर केयर नहीं हो रही है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना चाहिए।
सीएमएचओ ने आयुक्त को लिखा पत्र, कहा- लोगों को दे रहे समझाईश
डायरिया से पीड़ित मरीजों से डॉक्टर सुनील कुमार रोमडे और महामारी विशेषज्ञ रविन्द्र सिंह राजपूत ने जिला अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। भर्ती मरीजों में लोहार मंडी, आजाद वार्ड, आजाद नगर, आलमगंज, काली फाटक आदि से है। मरीजों का कहना है दूषित पानी का सप्लाई हो रहा है। जगह जगह गड्ढे खुद रहे हैं। साफ सफाई नहीं होती। जगह जगह कचरा पड़ा रहता है। इधर, सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा ने बताया आयुक्त नगर पालिक निगम को दूषित पानी के सोर्स को बंद करने अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा गया है। वार्ड में आशा, एएनएम और एमपी डब्ल्यू द्वारा घर घर सर्वे किया जा रहा है। लोगों को समझाइश दी जा रही है कि वे पानी को उबालकर या क्लोरीन टैबलेट डालकर ही सेवन करें। दस्त शुरू होने पर ओआरएस का घोल पिएं। अपने आस पास सफाई का ध्यान रखें। डॉक्टर वर्मा ने बताया कि रविवार को वार्ड में शिविर लगाया जाएगा जिसमें निःशुल्क दवाइयों और परामर्श दिया जाएगा। बता दें कि पानी दूषित है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए नगर निगम द्वारा अलग अलग जगह से व मरीज के घर से पानी के सेंपल लिए गए है जिसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
आरएमओ ने कहा- संख्या बढ़ी तो 30 एक्सट्रा पलंग लगाकर करेंगे उपचार
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौड़ ने कहा-24 घंटे में करीब 40 मरीज डायरिया पीड़ित मरीज भर्ती हुए हैं जिसमें 20 से 25 बच्चे हैं। बाकी अन्य पेशेंट हैं। डायरिया के क्या कारण हैं उसका निदान किया जाएगा। पानी की कमी से हो रहा है तो वह दूरी की जा रही है। संख्या बढ़ती है तो उसकी अलग से केयर करेंगे। सीजन बदला है इसलिए वायरल डायरिया, पानी की कमी, बैकटेरियल डायरिया आदि भी कारण हो सकते हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा। अलग से बेड है वहां भी बच्चों को रखा गया है। 30 एक्सट्रा पलंग लगाकर भी उपचार किया जाएगा।
आयुक्त बोले- वॉटर सैंपल लिए जा रहे, स्त्रोत पता कर रहे
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा आज सुबह ही जिला अस्पताल के आएमओ डॉ. भूपेंद्र गौड़ के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि आजाद नगर, लोहार मंडी क्षेत्र से 40 से अधिक डायरिया से पीड़ित मरीज भर्ती हुए हैं। सुबह एक टीम गई थी। पेशेंट के घर जाकर टीम निरीक्षण कर रही है। वॉटर सैंपल लिए जा रहे हैं। जहां जहां भी इसका सोर्स होगा उसका पता लगाया जाएग। फूड, पानी जिसके कारण भी डायरिया फैला होगा उसकी जांच की जाएगी।
7 साल में पूरा हुआ जलावर्धन योजना का काम, अब भी शुद्ध जल नहीं
नगर में करीब 7 साल पहले जलावर्धन योजना का काम शुरू हुआ। अब जाकर घरों में पीने के पानी की पाइप लाइनें बिछी है, लेकिन निजी कंपनी की मनमानी के चलते आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की टेस्टिंग पूरी किए बिना ही जल वितरण चालू कराना इससे पहले भी घातक साबित हो चुका है। कुछ वार्डों में लोग उल्टी दस्त का शिकार हुए थे। कुछ की मौत भी हुई थी, लेकिन इसकी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली थी। निजी कंपनी कंपनी जेएमसी पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब एक बार फिर से शहर में स्थिति बिगड़ रही है। बताया जा रहा है कि मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।