बुरहानपुर। नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई सौगात मानी जा रही है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 51 करोड़ 58 लाख 04 हजार रुपए की लागत वाली तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभिक स्वीकृति मिल गई है। इन परियोजनाओं से सीधे तौर पर 2033 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और धूलकोट सहित पूरे जनजातीय अंचल की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है।
इस ऐतिहासिक स्वीकृति के पीछे विधायक मंजू दादू की महीनों की मेहनत, भोपाल तक की दौड़ और लगातार दबाव बनाने की रणनीति अहम रही। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से कई दौर की मुलाकातें कर क्षेत्र की पानी की पीड़ा को मजबूती से रखा। आखिरकार सरकार ने तीनों परियोजनाओं को पहली साध्यता यानी प्रारंभिक मंजूरी दे दी।
ये तीन बड़ी परियोजनाएं
नेपानगर विधानसभा में एक तालाब और दो बैराज बनाए जाएंगे—
| परियोजना | लागत |
| फूल धावड़ी डेम (अम्बा तालाब) | ₹38.58 करोड़ |
| कालमाटी बैराज | ₹9.40 करोड़ |
| रेतघाट (महलगुराड़ा) बैराज | ₹3.60 करोड़ |
इनसे खास तौर पर धूलकोट क्षेत्र के 35 से 40 गांवों को सीधा फायदा मिलेगा, जहां सालों से गिरते जलस्तर और सूखे कुओं के कारण किसान बर्बाद होते आ रहे थे।
किसानों के लिए ‘पानी ही जीवन’ बनेगा हकीकत
विधायक मंजू दादू ने कहा कि इन परियोजनाओं से हजारों किसान लाभान्वित होंगे, खेतों को नियमित पानी मिलेगा, भू-जल स्तर सुधरेगा और खेती फिर से फायदे का सौदा बनेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी साफ कहा है कि प्रदेश के समग्र विकास की बुनियाद सिंचाई है। जनजातीय बहुल इलाकों में पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
नेपानगर में जश्न का माहौल
तीन बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने के बाद पूरे नेपानगर विधानसभा में खुशी की लहर है। किसान संगठनों और ग्रामीणों ने विधायक मंजू दादू का आभार जताते हुए इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए गेम-चेंजर बताया है। अब नजरें अगली स्वीकृति और जमीन पर काम शुरू होने पर टिकी हैं — क्योंकि पानी आएगा, तो खुशहाली भी आएगी।