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कृषि से समृद्धि की नई पहल: तीन दिवसीय कृषि अनुसंधान एवं वैल्यू एडिशन लैब की मांग, सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात

-  किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का रखा प्रस्ताव

बुरहानपुर। खंडवा संसदीय क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आत्मीय भेंट कर उन्होंने खंडवा संसदीय क्षेत्र में तीन दिवसीय कृषि अनुसंधान एवं मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिसन) प्रयोगशाला कार्यक्रम आयोजित कराने का आग्रह किया। इस संबंध में सांसद ने केंद्रीय मंत्री को विस्तृत आग्रह पत्र भी सौंपा।

सांसद श्री पाटील ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि खंडवा संसदीय क्षेत्र केला, टमाटर, मिर्च, प्याज, अरबी, गेहूं, गन्ना, सोयाबीन एवं कपास जैसी फसलों के उत्पादन के लिए प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। बावजूद इसके किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और मूल्य संवर्धन की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उन्हें अपनी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) एवं अन्य कृषि अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम को खंडवा संसदीय क्षेत्र में भेजकर तीन दिवसीय विशेष कृषि अनुसंधान एवं प्रयोगशाला कार्यक्रम आयोजित कराया जाए।

केला, टमाटर और मिर्च जैसी फसलों पर रहेगा विशेष फोकस

सांसद द्वारा सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्पादित प्रमुख फसलों की वैज्ञानिक जांच, उन्नत उत्पादन तकनीकों, फसल संरक्षण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) तथा केला, टमाटर एवं अन्य कृषि उत्पादों से वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, बाजार से जुड़ाव और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपनी उपज का अधिक मूल्य प्राप्त कर सकें।

एफपीओ और युवाओं को भी मिलेगा लाभ

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि इस कार्यक्रम का लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि उद्यमियों और ग्रामीण युवाओं को भी आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों एवं फूड प्रोसेसिंग से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों को अपनी उपज का मूल्य बढ़ाने के लिए प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की तकनीक अपनानी होगी। यही किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

सांसद ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को जल्द स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि खंडवा संसदीय क्षेत्र के किसानों को देश के प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन मिल सके और वे आधुनिक खेती की नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह कार्यक्रम आयोजित होता है तो क्षेत्र के कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव आएगा, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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