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पर्यावरण व परंपरा दोनों का रखा जाएगा ध्यान
बुरहानपुर। बढ़ती आबादी, जर्जर व्यवस्थाएं और अंतिम संस्कार जैसी पवित्र प्रक्रिया के लिए नगरवासियों को झेलनी पड़ रही थी परेशानियां। अब इससे मिलेगी राहत। महापौर माधुरी अतुल पटेल की पहल रंग लाई है। पुण्यसलिला माँ ताप्ती के तट पर अब एक नवीन, आधुनिक और सुव्यवस्थित शमशान घाट का निर्माण होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने ग्राम एमागिर्द में 0.8050 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी है।
वर्तमान में नागझीरी व सतियारा घाट ही अंतिम संस्कार के मुख्य केंद्र हैं। लेकिन बरसात में जलस्तर बढ़ते ही नागझीरी घाट पहुंच से बाहर हो जाता है। गर्मियों में छांव तक नहीं। नतीजा – अपनों की अंतिम यात्रा भी पीड़ा से भरी।
महापौर ने रखा प्रस्ताव, कलेक्टर ने दी स्वीकृति
महापौर पटेल ने इंदौर-अमरावती मार्ग पर पुराने और नए ताप्ती पुल के मध्य ग्राम एमागिर्द के खसरा क्रमांक 667/1/2 की भूमि शमशान घाट हेतु आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। कलेक्टर हर्षसिंह ने सहमति दी, और आदेश जारी किया गया। महापौर ने इसके लिए आभार जताते हुए कहा – यह केवल विकास नहीं, यह हमारी संस्कृति, संवेदना और जिम्मेदारी का संकल्प है।
तीनों दृष्टिकोण से बनेगा यह घाट
महापौर द्वारा निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव को निर्देशित किया गया है कि इस घाट का निर्माण पर्यावरण की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित हो। अंतिम संस्कार के लिए सभी मूलभूत सुविधाएँ जैसे पानी, बिजली, छाया, प्रतीक्षालय, शववाहन आदि उपलब्ध हों। धार्मिक परंपराओं का सम्मान और पालन सुनिश्चित हो। और यह स्थान मात्र एक शमशान न रहकर, एक संस्कार स्थल के रूप में विकसित हो
नया घाट कैसा होगा?
• पर्यावरण के अनुकूल
• सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त – पानी, बिजली, प्रतीक्षालय
• अंतिम यात्रा में कोई असुविधा न हो, इसकी पूरी व्यवस्था
• धार्मिक परंपराओं के अनुरूप शांत, पवित्र वातावरण
ताप्ती माँ की गोद में अंतिम विदाई
हिंदू धर्म में पवित्र नदियों के किनारे अंतिम संस्कार की परंपरा है। माँ ताप्ती के तट पर यह नया शमशान घाट सिर्फ एक सुविधा नहीं, यह एक श्रद्धांजलि होगी हमारी संस्कृति को, और सेवा होगी उस व्यक्ति की अंतिम यात्रा को, जिसने जीवनभर इस धरती की सेवा की।
– माधुरी अतुल पटेल, महापौर नपानि बुरहानपुर