बुरहानपुर। नेपा मिल में करीब सालभर से कागज उत्पादन की प्रक्रिया न के बराबर है। कर्मचारियों को एक साल से नियमित सैलरी नहीं मिल पा रही है। मिल को आउटसोर्स पर देने की तैयारियां चल रही है। इसी बीच खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने लोकसभा में कईं सवाल उठाए हैं।
दरअसल मिल का 469 करोड़ से कायाकल्प तो हुआ, लेकिन जिस तरह तेज गति से इसे चलना चाहिए था वैसा कुछ नहीं हुआ। सांसद श्री पाटील ने संसद में कर्मचारियों से लेकर मिल के संचालन की स्थिति तक सभी बातों को जोड़कर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षण कराया है जिससे कर्मचारियों में खुशी है।
एक साल से लंबित वेतन भुगतान का हो निराकरण
बुधवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने नेपा मिल के कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लोकसभा में पुरजोर तरीके से उठाते हुए कहा कर्मचारियों के विगत एक वर्ष से लंबित वेतन भुगतान, लंबित वेतन पुनः निर्धारण, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना को लागू करने सहित अन्य मांगों को सदन के माध्यम से केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी के समक्ष रखा। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर्मचारी हितैषी सरकार है।आपके द्वारा की गई मांगो पर सार्थक निर्णय लिया जाएगा।
स्वतंत्र भारत का पहला अखबारी कागज कारखना
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने लोकसभा में नियम 377 के तहत अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र खंडवा में स्थित ऐतिहासिकए प्रतिष्ठित नेपा लिमिटेड नेपानगर जिसे कागज की काशी के उपमा से अलंकृत किया गया है। यह कारखाना एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा और स्वतंत्र भारत का पहला अखबारी कागज का कारखाना है, जो भारत सरकार के भारी उद्योग विभाग के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इस मिल के पुनरुद्धार के लिए सरकार द्वारा कुल 469 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता देकर इस मिल का नवीनीकरण किया गया था। मेरे संसदीय क्षेत्र में यह एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जिस पर लगभग 140 गांवों की अर्थव्यवस्था निर्भर हैं और उन लोगों के रोजगार का एक मात्र साधन भी यही मिल है।
एक साल से वेतन नियमित नहीं मिल रहा
सांसद ने बताया कर्मचारियों को विगत एक वर्ष से वेतन भुगतान तक नहीं किया जा सका है। मैं भारी उद्योग मंत्री से निवेदन करता हूं कि यदि आप इस मिल को बेचना या किराये पर देना चाहते हैं तो उसके पूर्व इस मिल में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं प्रभावित न होने पाए व उनकी लंबित देनदारियों 2007 व 2017 के लंबित वेतन पुनः निर्धारण को तत्काल लागू किया जाए, जो कर्मचारी सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं उन्हे स्वैछिक सेवानिवृत्ति योजना का लाभ दिया जाए और कर्मचारियों की समुचित व्यवस्था करें जिससे यह मिल सतत चलती रहे। इस क्षेत्र की स्थानीय जनता को रोजगार मिलता रहे। मुझे विश्वास है कि सरकार जो भी निर्णय लेगी वो मिल के कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए और उनके हित में लेगी।
नेपा मिल में नहीं हो रहा है कागज उत्पादन- सांसद ने संसद में उठाए सवाल
कहा, नेपा मिल के कर्मचारियों का जारी हो लंबित वेतन, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना को भी जल्द करें लागू
On: August 4, 2025 9:44 AM