बुरहानपुर/खकनार। खकनार शुक्रवार को जनसैलाब से भर गया। जनता का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। डेढ़ साल पुराने उस मामले ने फिर आग पकड़ ली है, जिसमें खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मृत महिला के शव के साथ अपमानजनक कृत्य किया गया था। इस अमानवीय घटना के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब जनता फांसी की सजा की मांग कर रही है।
जनाक्रोश रैली में उमड़ा हुजूम, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार दोपहर निमंदड़ फाटे से शुरू हुई जनाक्रोश रैली में सर्व हिन्दू समाज और जनजातीय समाज के हजारों लोग शामिल हुए। रैली के दौरान महिला का सम्मान–हमारी पहचान और दोषी को फांसी दो के नारों से पूरा खकनार गूंज उठा। रैली तहसील कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई, जहां तहसीलदार जितेंद्र अलावा को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि घटना के सीसीटीवी फुटेज से साबित होता है कि अस्पताल प्रशासन, बीएमओ और कर्मचारियों की लापरवाही से महिला का अपमान हुआ। केवल आरोपी पर नहीं, जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई की जाए।
विधायक मंजू दादू ने कहा— यह समाज की अस्मिता का सवाल है
रैली में शामिल नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कहा महिला के शव के साथ जो हुआ, वह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। यह सिर्फ एक महिला की बात नहीं, पूरे समाज की अस्मिता का सवाल है। आरोपी को फांसी मिलनी चाहिए ताकि आगे कोई ऐसी हिम्मत न करे। उन्होंने आगे कहा कि यह आंदोलन सर्व समाज की आवाज़ बन चुका है। पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को यह देखना होगा कि सुरक्षा में कमी कहां रह गई। दोषी चाहे किसी भी स्तर पर हो, कार्रवाई से नहीं बचना चाहिए।
एसडीएम बोले – जांच पूरी, रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी
नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि खकनार स्वास्थ्य केंद्र में जो घटना हुई थी, उस पर कार्रवाई के लिए जांच पूरी कर ली गई है। आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच की गई है। रिपोर्ट तैयार होकर कलेक्टर को सौंपी जाएगी। जल्द कार्रवाई होगी।
लोगों में गुस्सा, विभाग की लापरवाही पर सवाल
घटना के बाद अब यह खुलासा हुआ है कि यह मामला डेढ़ साल तक दबा कर रखा गया, और हाल ही में जब विभागीय स्तर से कुछ कर्मचारियों ने वीडियो वायरल किया, तब सच्चाई सामने आई। इससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया है। ग्रामीणों ने कहा अगर विभाग ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो यह मामला इतना बड़ा नहीं बनता। अब दोषियों को सजा देकर ही न्याय पूरा होगा।
महिला का सम्मान कोई मुद्दा नहीं, हमारी आस्था है
रैली के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा यह सिर्फ विरोध नहीं, महिला सम्मान के लिए संघर्ष है। जब तक दोषियों को फांसी नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। जनजातीय समाज ने भी प्रशासन को चेतावनी दी, अब चुप नहीं रहेंगे। हर वर्ग न्याय की मांग में एकजुट है। अगर प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन पूरे जिले में फैलाया जाएगा।
रैली का माहौल
- हजारों ग्रामीण, महिलाएं और युवा पारंपरिक परिधानों में रैली में शामिल हुए।
- सड़कों पर ‘जय श्री राम’, ‘मां का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ के नारे गूंजे।
- महिलाओं ने मोमबत्तियां जलाकर न्याय की मांग की।
- पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे।
क्यों भड़का जनाक्रोश?
इस घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज के भीतर यह संदेश भी छोड़ा है कि न्याय में देरी का मतलब अन्याय है। फांसी की मांग अब सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की मांग बन चुकी है।