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पूर्व विधायक दांगोरे बोले- पहले तो यह बताओ की मेरे खिलाफ नारे क्यों लगा रहे हो
बुरहानपुर। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का 4 सदस्यीय दल शनिवार को बुरहानपुर जिले में पहुंचा। दल में पंधाना के पूर्व विधायक राम दांगोरे सहित डॉ शरदचंद लेले, कालू सिंग मुजाल्दे, डॉ मिलिंद दांडेकर शामिल हैं। दल ने डवाली खुर्द, नेपानगर में आदिवासी समाजजन, वन समितियों के पदाधिकारी, सदस्यों, ग्रामीणों से चर्चा की। सोनुद में कुछ ग्रामीण टास्क फोर्स वाहन के सामने खड़े हो गए और नारेबाजी की। इसके बाद दोपहर करीब 3.30 बजे जब दल बुरहानपुर कलेक्टर से मिलने पहुंचा तो इससे पहले ही यहां जिला पंचायत भवन के बाहर काफी संख्या में वन समिति के सदस्य नारेबाजी करने लगे। उन्होंने पंधाना के पूर्व विधायक व टास्क फोर्स समिति सदस्य राम दांगोरे के खिलाफ नारेबाजी की करते हुए कहा राम दांगोरे वापस जाओ, वापस जाओ। इस पर पूर्व विधायक दांगोरे ने कहा पहले तो यह बताओ कि आप लोग मेरे खिलाफ नारेबाजी क्यों कर रहे हैं, तब चांदनी वन समिति के अध्यक्ष रोहिदास चौधरी ने कहा- आपका नाम चर्चित है। वह बोले चर्चित तो है, लेकिन यह बताओ तुमको क्या सूचना मिली। चौधरी ने कहा सूचना यह मिली कि एक दल आया हुआ है इसमें एक लोकल के पूर्व विधायक हैं और उनका नाम कभी न कभी ऐसा लिया गया है कि जो जंगल काटने वाले हैं उनके साथ बैठक करने के बाद कुछ लोग जंगल काटते हैं। ऐसा भी नाम सामने आया है। क्षेत्र का जंगल है, जिन्होंने दावे भरे थे उन्हें अपात्र किए हैं। उन्हें अपात्र ही रहने दें, क्योंकि वह नियम में नहीं आते हैं।
पहले वापस जाओ के नारे, बाद में जिंदाबाद करने लगे ग्रामीण
पूर्व विधायक राम दांगोरे ने कहा आपके पास जानकारी आधी अधूरी आई है। हम सीएम टास्क फोर्स के मेंबर हैं। किसी को पट्टे देने का और निरस्त करने का हमको कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं है। साइन पॉवर किसी तरह का नहीं है। जांच समिति जो बनी है फॉरेस्ट एक्ट और पेसा एक्ट को लेकर क्या क्या परेशानी आ रही है यह देख रहे हैं। ग्राउंड पर 10 दिन से मीडिया में दे रहे हैं कि पट्टे से हमारा कोई लेना देना नहीं है। रिपोर्ट पेश करना है कि 2005 के पहले के इतने लोग मिले। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि आप तो यह बताएं कि क्या आप जंगल काटने वालों के फेवर में हैं। इस पर पूर्व विधायक ने कहा- नहीं, कोई चार साल पहले आएगा फसल बो देगा तो क्या उसको मान लेंगे। तब लोगों ने तालियां बजाई। जो व्यक्ति 2005 के पहले से बसा हुआ है पट्टा सिर्फ उसी को मिलेगा। जो 2005 के बाद आया है उसे पट्टा किसी भी कीमत पर नहीं मिलेगा। फिर लोगों ने नारे लगाए राम दांगोरे जी जिंदाबाद।
टास्क फोर्स ने डवाली, नेपानगर में लोगों से की चर्चा
इससे पहले टास्क फोर्स समिति डवाली पहुंची थी जहां सदस्यों ने पट्टे के लिए आवेदन करने वाले लोगों, आदिवासी समाजजन से चर्चा की। इसके बाद दल नेपानगर गेस्ट हाउस पहुंचा जहां घाघरला के ग्रामीणों ने टीम को बताया कि किस तरह बीते सालों में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई हुई। क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीणों, पुलिस, वनकर्मियों पर हमले हुए थे। दल से मांग की गई कि निष्पक्ष रिपोर्ट सीएम को प्रस्तुत की जाए। सदस्यों ने आश्वासन दिया कि निष्पक्षता के साथ पूरी रिपोर्ट तैयार कर सीएम को सौंपी जाएगी। यहां से दल बुरहानपुर रवाना हुआ था। यहां जिला पंचायत में कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक हुई।
टास्क फोर्स समिति सदस्य बोले- फॉरेस्ट किसी कीमत पर कटना नहीं चाहिए
पूर्व विधायक व टास्क फोर्स समिति सदस्य राम दांगोरे ने कहा खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, अलीराजपुर आदिवासी जिलों की समस्याओं के समाधान के लिए, पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के लिए सीएम ने सीएम टास्क फोर्स का गठन किया है। 6 जुलाई को उसकी बैठक हुई उसमें कईं शिकायतें आई। अलग अलग समस्याओं को लेकर हम जिलों में जा रहे हैं। दो चार गांव में जाकर देख रहे हैं कि जो पट्टे निरस्त हुए हैं वह अतिक्रमणकारियों के ही है या पात्रों के हैं। 2005 के बाद जो आया है उसे पट्टा नहीं मिलेगा। समिति न किसी को पट्टा देने आई न ही निरस्त करने आई है, लेकिन यह किसी ने भ्रम फैलाया है कि कहीं जांच समिति उनकी सच्चाई सभी को न बता दे, इसलिए जगह जगह डिस्टर्ब किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट सीएम के सामने पेश करेंगे। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। खंडवा में भी इसी तरह का कन्फ्यूजन था। फॉरेस्ट किसी भी कीमत पर नहीं कटना चाहिए।