बुरहानपुर। जिले में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लागू की गई समाधान योजना 2025-26 का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। विद्युत विभाग के अनुसार जिले में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक श्रेणी के करीब 75 हजार उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया है, जिन पर 25 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। योजना के तहत अब तक 12,816 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कर लाभ लिया है, जिससे 25 लाख रुपये से ज्यादा का सरचार्ज माफ हुआ है और विभाग को करीब 3 करोड़ रुपये की वसूली मिली है।
दरअसल विद्युत विभाग ने इसे जन-उपयोगी योजना बताते हुए पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते योजना का लाभ लें। इसके लिए शहरी वार्डों और ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ता शिविरों में या संबंधित वितरण केंद्र व जोन कार्यालय पहुंचकर तय समय-सीमा में आवेदन कर सकते हैं।
दो चरणों में लागू है योजना
मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू समाधान योजना 2025-26 तीन माह से अधिक अवधि के बकाया बिजली बिलों पर लगे विलंब भुगतान अधिभार (सरचार्ज) में छूट प्रदान करती है। योजना 1 नवंबर 2025 से चार माह के लिए दो चरणों में प्रभावी है। प्रथम चरण 1 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026, द्वितीय चरण 1 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान या 6 मासिक किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया गया है।
पहले चरण में सबसे ज्यादा फायदा
एकमुश्त भुगतान पर घरेलू व कृषि उपभोक्ता को 100% सरचार्ज माफी, गैर-घरेलू व निम्न/उच्चदाब औद्योगिक उपभोक्ता को 80% माफी रहेगी। 6 किस्तों में भुगतान पर घरेलू व कृषि उपभोक्ता को 70% माफी, गैर-घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ता को 60% माफी का लाभ मिलेंगा।
दूसरे चरण में कम लेकिन राहत जारी
एकमुश्त भुगतान पर घरेलू व कृषि उपभोक्ता को 90% सरचार्ज माफी, गैर-घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ता को 70% माफी। 6 किस्तों में भुगतान पर घरेलू व कृषि उपभोक्ता को 60% माफी, गैर-घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ता को 50% माफी का लाभ दिया जा रहा है।
पंजीयन की शर्तें भी तय
विद्युत विभाग के अनुसार योजना में पंजीयन के लिए घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10%, गैर-घरेलू व निम्न/उच्चदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं को कुल बकाया का 25%, प्रारंभिक भुगतान करना अनिवार्य होगा।
समय निकलने से पहले फैसला जरूरी
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना सीमित समय के लिए है। पहले चरण में अधिक छूट मिलने के कारण उपभोक्ताओं को जल्द निर्णय लेने की सलाह दी गई है। साफ है- जो जितनी जल्दी आगे आएगा, उसे उतनी बड़ी राहत मिलेगी।