खकनार। बुरहानपुर जिले में आदिवासी समाज के वीर क्रांतिकारी रेंगा कोरकू की प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरण के आदेश ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को विधायक मंजू दादू और आदिवासी कोरकू कल्याण समिति के नेतृत्व में सैकड़ों समाजजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर राजपाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यालय परिसर घंटों तक नारों से गूंजता रहा।
जानकारी के मुताबिक करीब सात वर्ष पूर्व ग्राम देडतलाई बस स्टैंड (बुरहानपुर–अमरावती हाइवे) पर आदिवासी समाज ने परंपरागत रीति-रिवाज और आस्था के साथ रेंगा कोरकू की प्रतिमा स्थापित की थी। तब से यह स्थान समाज के लिए पूजा और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। लेकिन हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग की जमीन पर प्रतिमा होने का हवाला देते हुए इसे हटाने या स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया गया।
विधायक ने जताया कड़ा विरोध
विधायक मंजू दादू ने स्पष्ट कहा, किसी भी धर्म या समाज की प्रतिमा हटाना आस्था से खिलवाड़ है। यह कदम बिल्कुल गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। आदिवासी कोरकू कल्याण समिति के अध्यक्ष केशवराम भिलावेकर ने कहा, प्रतिमा हमारे लिए भगवान है। एक बार स्थापना के बाद मूर्ति हटाई नहीं जाती। यदि इसे हटाने की कोशिश की गई तो समाजजन उग्र आंदोलन करेंगे।
समाज की ताकत दिखी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाजजनों में जिला जनपद सदस्य अशोक पटेल, किसन धान्दे, जनपद पंचायत सदस्य गणेश मावसकर, मगन पटेल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यालय का घेराव कर उन्होंने यह साफ संदेश दिया कि प्रतिमा से छेड़छाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।