बुरहानपुर। वन विभाग में मनमानी, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सिर्फ दो महीनों में विभाग ने रेंजर सहित पांच वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। ताजा कार्रवाई शाहपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर संजय मालवीय पर हुई है, जिन्हें खंडवा वन संरक्षक बासु कनौजिया ने पदीय दायित्वों का सही निर्वहन न करने पर निलंबित कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मालवीय के खिलाफ कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह कठोर कदम उठाया गया है।
दो महीने में पांच निलंबन, विभाग में हड़कंप
वन विभाग में पिछले दो महीनों से लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। निलंबित कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से विभागीय तंत्र में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कई कार्रवाइयों को विभाग पर्दे के पीछे रखने की कोशिश भी कर रहा है, लेकिन तथ्य सामने आ रहे हैं।
शाहपुर रेंजर संजय मालवीय का निलंबन
खनन, अवैध कटाई और फील्ड कार्यों में लापरवाही की शिकायतों के बाद खंडवा वन संरक्षक ने यह कार्रवाई की। रेंजर संजय मालवीय निलंबित। निलंबन अवधि में मुख्यालय खरगोन जिला कार्यालय, गंभीर विभागीय लापरवाही मुख्य कारण। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने भी पुष्टि की कि मालवीय ने अपने पदीय दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया था, इसलिए कार्रवाई आवश्यक मानी गई।
19 नवंबर को भी दो वनकर्मी निलंबित
19 नवंबर को शाहपुर रेंज के ही दो वनकर्मियों पर अवैध कटाई के मामलों में गाज गिरी थी— वनपाल शेख जलील (इच्छापुर परिक्षेत्र सहायक) और बीट गार्ड गोविंद मोरे (मोरझिरा बीट) मोरझिरा में सागौन कटाई की शिकायतों की जांच में सागौन के ताजा ठूंठ मिलने पर दोनों को निलंबित किया गया।
बिलों में गड़बड़ी पर दो वनपाल पहले ही निलंबित
अक्टूबर में शाहपुर रेंज के दो कर्मचारियों पर 1.57 लाख रुपये के कार्य बिल बिना काम किए प्रस्तुत करने का आरोप साबित हुआ था। निलंबित कर्मचारी दक्षिण चौंडी के वनपाल नारायण पाटिल और चौकी प्रभारी भावसा योगेश महाजन आईडब्ल्यूसी कूप में प्रस्तुत कार्य प्रमाणक मौके पर सही न मिलने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
नेपानगर में सागौन कटाई का मामला अभी भी ठंडे बस्ते में
लगभग एक माह पहले ही नेपानगर क्षेत्र में रोड के किनारे वन भूमि पर किए गए प्लांटेशन क्षेत्र में अज्ञात लोगों द्वारा सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ों की कटाई साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन अब तक वन विभाग द्वारा किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
विभाग में मनमानी और कार्यशैली पर गंभीर सवाल
लगातार निलंबन और अनियमितताओं के सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं— कई बीटों में अवैध कटाई की पुनरावृत्ति, फील्ड विजिट की कमी, फर्जी कार्य-बिल का प्रस्तुतिकरण और विभागीय कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल। विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग को जमीनी स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी तय करने के लिए और कठोर कदम उठाने होंगे।
शाहपुर रेंज में कार्रवाई का सिलसिला जारी, अब कितने बाकी?
वन विभाग में पिछले दो महीनों में हुई इन कार्रवाइयों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मनमानी व लापरवाही पर अब बचना मुश्किल, खंडवा और बुरहानपुर सर्किल दोनों निगरानी मोड में, आने वाले दिनों में और भी जांचें खुल सकती हैं। स्थानीय लोगों में उम्मीद है कि विभाग सख्ती को सिर्फ निलंबन तक सीमित न रखकर अवैध कटाई और भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचेगा।