बुरहानपुर। शहर की टूटी-फूटी सड़कों ने फिर से तीन परिवारों के घरों में मातम फैला दिया है। पिछले 15 दिनों के भीतर अलग-अलग हादसों में एक छात्रा, एक युवक और महज 5 साल की मासूम बच्ची ने जान गंवाई। वजह—खराब सड़कें और प्रशासन की लापरवाही। विरोध, प्रदर्शन और मांगें बार-बार उठीं, मगर जिम्मेदार विभाग अब भी ऊपरी पैबंद (पेचवर्क) कर खानापूर्ति में जुटा है।
गणेश चतुर्थी पर दिखावे का पेचवर्क
बुधवार को जब पूरा शहर गणेश चतुर्थी की भक्ति में डूबा था, उसी समय लालबाग रोड पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने डामर के पैबंद लगाकर काम दिखाने की कोशिश की।
- लालबाग से सिंधी बस्ती तक रोड महीनों से जर्जर है।
- जगह-जगह गड्ढे बने हैं, वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं।
- मगर विभाग ने कई गड्ढे वैसे ही छोड़ दिए और जहां डामर डाला भी, वहां सड़क ऊंची-नीची हो गई।
नतीजा—यह सुधार स्थायी नहीं है और आने वाले दिनों में चालकों की परेशानी और बढ़ेगी।
हादसों की कड़वी हकीकत
- 19 अगस्त: बिटिया रोड पर 19 साल की छात्रा को ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी। परिवार ने आरोप लगाया कि हादसा खराब सड़क की वजह से हुआ।
- लालबाग रोड पर युवक की मौत: खंडवा निवासी शशांक जोशी गणेश प्रतिमा लेकर जा रहे थे। मूर्ति गिरने पर दबने से उनकी मौत हो गई। उस समय भी सड़क खराब थी, मगर तब कोई मरम्मत नहीं हुई।
- इंदौर-इच्छापुर हाईवे हादसा: 5 साल की बच्ची की जान गई। बाइक को ट्रक ने टक्कर मारी, मगर खराब सड़क के चलते वाहन अनियंत्रित हो गया।
तीनों ही हादसों में एक बात साफ है—सड़क की हालत मौत की वजह बनी।
जनता का गुस्सा और विरोध
- शहरवासियों का कहना है कि पेचवर्क कुछ दिनों में उड़ जाएगा, स्थायी समाधान होना चाहिए।
- कांग्रेस समेत कई सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया।
- लोगों का आरोप— लोक निर्माण विभाग केवल त्योहारों या विरोध के बाद दिखावे का काम कर रहे हैं।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार
- क्या विभाग तीन मौतों को सिर्फ आंकड़ा मानकर बैठा रहेगा?
- क्या हादसों की जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चालकों की है, या प्रशासन भी उतना ही दोषी है?
- आखिर कब तक लोग गड्ढों में जान गंवाते रहेंगे?