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1.93 करोड़ गलत तरीके से रोगी कल्याण समिति में ट्रांसफर करने वाले स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम को मिशन संचालक ने किया बर्खास्त

बुरहानपुर। स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले के बाद एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रियंका दास ने बुरहानपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीएम प्रवीण भार्गव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि उनके द्वाररा 1 करोड़ 93 लाख 82 हजार

On: February 24, 2024 12:46 PM
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बुरहानपुर। स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले के बाद एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रियंका दास ने बुरहानपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीएम प्रवीण भार्गव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि उनके द्वाररा 1 करोड़ 93 लाख 82 हजार 352 रूपए गलत तरीके से रोगी कल्याण समिति में ट्रांसफर किए थे। पुलिस जांच में वह बच निकले थे, लेकिन विभागीय जांच में पकड़ा गए। इसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही बताया जा रहा है कि वसूली के लिए मामले में एफआईआर भी हो सकती है।
मामला 2020 का है जब जिला कार्यक्रम प्रवीण भार्गव द्वारा डीएचओ डॉ. विक्रम वर्मा के डिजीटल सिग्नेचर लेकर एनएचएम को मिली बजट राशि 1.93 करोड़ 82 हजार 352 रूपए रोगी कल्याण समिति को स्थानांतरित कर राशि में अपव्यय और वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया। इसलिए मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र प्रियंका दास ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई।
यह है पूरा मामला-
दरअसल 9 सितंबर 2015 को प्रवीण भार्गव को जिला कार्यक्रम प्रबंधक यानी डीपीएम के पद पर पदस्थ किया गया। 2020-21 में आरसीएच और एनएचएम के प्रबंधन में 50 लाख की वित्तीय अनियमितता की शिकायती जांच में भार्गव की संलिप्तता पाई गई। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान 1 सितंबर 2022 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। भार्गव ने जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन विभाग ने इसे संतुष्टिपूर्ण नहीं माना।
विभाग ने यह पकड़ी गलतियां-
नियमानुसार डीएचओ डॉ. वर्मा के स्थान पर वित्तीय अधिकार डॉ. एमपी गर्ग के पास होने के बाद भी डीएचओ डॉ. विक्रम वर्मा के डिजीटल सिग्नेचर से भुगतान की प्रक्रिया की जाती रही।
नियम के विपरीत जाकर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के आवेदन मात्र पर 1.93 करोड़ 44000 रूपए की राशि हस्तातरित कर दी। जांच में पाया गया कि वाउचर्स के क्रय आदेश सिविल सर्जन द्वारा जारी किए गए। भुगतान सीएमएचओ एनएचएम शाखा से हुआ।
हजारों की संख्या में स्पीकर, पोस्टर, बैनर, पैम्फलेट, फॉर्म्स, रजिस्टर आदि प्रिंट कराए गए, लेकिन स्टाक नहीं मिला। इंट्री भी नहीं मिली।
कोरोना काल में जिस राशि का उपयोग जनहित मे किया जाना चाहिए था उस राशि का प्रवीण भार्गव और अन्य द्वारा वित्तीय नियमों का उल्लंघन कर अपव्यय किया गया।
प्रवीण भार्गव द्वारा प्रस्तुत लिखित कथन और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, लेकिन कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। इसलिए बर्खास्ती की गई कार्रवाई की गई।
फिलहाल बर्खास्त किया गया है
इसे लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सिसौदिया ने कहा- मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने डीपीएम प्रवीण भार्गव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उनके द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई। इसकी जांच होने पर वह दोषी पाए गए। रिकवरी के लिए फिलहाल अभी ष्शासन से कोई आदेश नहीं आए हैं। जो भी आदेश आएंगे उसके अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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