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दो महीने पहले जारी हुए थे नोटिस, अब ठोका गया जुर्माना
बुरहानपुर। जिले में खाद-बीज की गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों को सही मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में खाद-बीज विक्रेताओं के गोदामों और दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं के चलते 5 उर्वरक विक्रेताओं पर कुल ₹1,91,679 का भारी जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई इसलिए और महत्वपूर्ण है क्योंकि दो महीने पहले भी इन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर अनियमितताओं को सुधारने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके, जब दोबारा जांच हुई तो फिर से स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, पीओएस मशीन और रेट लिस्ट में अंतर जैसी खामियां पाई गईं।
ये गड़बड़ियां पाई गईं
संयुक्त जांच दल ने पाया कि कई दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर और पीओएस मशीन के स्टॉक में भिन्नता थी। रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई थी। स्टॉक विवरण स्पष्ट नहीं था। उर्वरकों की कालाबाजारी की संभावना थी। इन अनियमितताओं के कारण 5 उर्वरक विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया।
इन विक्रेताओं पर लगा जुर्माना
* अरिहंत फर्टिलाइजर, बुरहानपुर – 71,289/-
* नर्मदा मार्केटिंग, बहादरपुर – 25,000/-
* गोल्डी कृषि केंद्र, बहादरपुर – 25,000/-
* गणेश एग्रो एजेंसी, शाहपुर – 45,390/-
* नवकार फर्टिलाइजर, सिरपुर -25,000/-
अगर ये विक्रेता फिर से गड़बड़ी करते पाए गए तो तीन महीने की सजा और अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। जुर्माना चुकाने के बाद ही उर्वरक पंजीयन बहाल किया जाएगा।
दो महीने पहले भी हुई थी जांच, दिए गए थे नोटिस
नवंबर 2024 में भी कृषि और राजस्व विभाग की टीम ने खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया था। तब भी कई विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया था। चेतावनी दी गई थी कि घटिया गुणवत्ता वाला उर्वरक या प्रतिबंधित कीटनाशक बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कई दुकानदारों ने नियमों का पालन नहीं किया, जिससे अब उन पर जुर्माना लगाया गया है।
किसानों के हित में की गई कार्रवाई
कृषि उपसंचालक एम.एस. देवके ने बताया कि यह कार्रवाई किसानों के हित में की गई है। जिले में किसान रबी और जायद फसलों की बुआई कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें सही गुणवत्ता वाला उर्वरक समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अगर खाद-बीज विक्रेता इस तरह की अनियमितताएं करते हैं, तो किसानों को महंगे दामों पर या खराब गुणवत्ता का उर्वरक मिल सकता है, जिससे उनकी फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सख्त निगरानी रखी जाएगी और अगर कोई भी अनियमितता पाई गई तो बिना किसी चेतावनी के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।