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क्राइम ब्रांच का खुलासा: शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर डॉक्टर से करोड़ों की ठगी

फर्जी पोर्टल के जरिए डॉक्टर से 66 ट्रांजैक्शन में 3 करोड़ की ठगी इंदौर। शहर के एक डॉक्टर के साथ हुई 3 करोड़ 8 लाख रुपए की ठगी ने शहर के साथ-साथ देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया

On: January 26, 2025 8:19 PM
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  • फर्जी पोर्टल के जरिए डॉक्टर से 66 ट्रांजैक्शन में 3 करोड़ की ठगी

इंदौर। शहर के एक डॉक्टर के साथ हुई 3 करोड़ 8 लाख रुपए की ठगी ने शहर के साथ-साथ देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को गुमराह करने की एक गहरी साजिश का प्रतीक है।
डॉक्टर की सोशल मीडिया पर आरू भट्ट नाम की महिला से दोस्ती हुई। महिला ने खुद को ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताया और डॉक्टर को निवेश की सलाह दी। महिला ने डॉक्टर को WEBULL नामक एक ट्रेडिंग पोर्टल का लिंक भेजा। डॉक्टर ने इस पर रजिस्टर किया और शुरुआती निवेश किया। डॉक्टर को शुरू में कुछ लाभ दिखाया गया। उन्हें मुनाफा देखकर यकीन हो गया कि पोर्टल सही है। जब डॉक्टर ने बड़ी रकम निवेश करनी शुरू की, तो ठगों ने दीपावली के समय उनका फायदा उठाया। जब डॉक्टर ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उन्हें और पैसे देने के लिए मजबूर किया। इनकम टैक्स, ग्रीन चैनल, डिजिटल करेंसी और ब्लॉकचेन इंश्योरेंस जैसे झूठे नामों से उनसे लगातार पैसे ऐंठे गए। कुल 66 ट्रांजैक्शनों में डॉक्टर से 3 करोड़ 8 लाख 36 हजार 293 रुपए ठगे गए। डॉक्टर को अपने दोस्तों से भी 1.5 करोड़ रुपए उधार लेने पड़े।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां
इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है: आनंद पहाड़िया (27 वर्ष), मोहित भावसार (28 वर्ष), मोहम्मद रेहान (22 वर्ष), शाहरुख कुरैशी (27 वर्ष), एजाज खान (31 वर्ष), सभी आरोपी उज्जैन के निवासी हैं।
महिला की भूमिका
• मामले में आरू भट्ट नाम की महिला का नाम सामने आया है।
• पुलिस का मानना है कि यह नाम फर्जी है और सोशल मीडिया अकाउंट भी नकली हो सकता है।
• महिला की असली पहचान और भूमिका की जांच जारी है।
ठगी का तरीका
• ठगों ने पोर्टल पर डॉक्टर को 5 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाया।
• जब डॉक्टर ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने अलग-अलग तरीकों से उनसे और पैसा वसूला।
पुलिस की अब तक की कार्यवाही
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। अन्य संदिग्धों और महिला की तलाश की जा रही है। आरू भट्ट के नाम से बनाए गए अकाउंट की जांच की जा रही है। फर्जी अकाउंट होने की संभावना है।
डॉक्टर से वसूले गए पैसे का ब्योरा
1. 55 लाख रुपए – इनकम टैक्स के नाम पर।
2. 30 लाख रुपए – ग्रीन चैनल खोलने के लिए।
3. 17.81 लाख रुपए – डिजिटल करेंसी के नाम पर।
4. 25 लाख रुपए – ब्लॉकचेन इंश्योरेंस के नाम पर।
5. 1.5 करोड़ रुपए – दोस्तों से उधार लेकर ठगों के खाते में जमा किए।
डॉक्टर पर आर्थिक प्रभाव
1. ठगी के बाद डॉक्टर को अपने दोस्तों से 1.5 करोड़ रुपए उधार लेने पड़े।
2. इनकम टैक्स, डिजिटल करेंसी, ग्रीन चैनल और अन्य नामों पर उनसे 66 बार में पैसे ऐंठे गए।
3. आर्थिक दबाव के कारण डॉक्टर मानसिक और भावनात्मक रूप से भी प्रभावित हुए हैं।
ठगी के तरीके का विश्लेषण
• सोशल मीडिया पर भावनात्मक जुड़ाव बनाना।
• शुरुआती लाभ दिखाकर भरोसा जीतना।
• डिजिटल निवेश के फर्जी प्लेटफॉर्म का उपयोग करना।
• आर्थिक दबाव और जरूरत का फायदा उठाना।
डॉक्टर की चूक
• सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना।
• किसी फर्जी पोर्टल पर निवेश करना।
• बिना प्रमाणिक जानकारी के भारी रकम लगाना।

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