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एसपी ने खुद बताया – कैसे मिलेगा आम आदमी को इंसाफ
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नए आपराधिक कानून को एक साल, स्कूली बच्चों से लेकर महिलाएं तक हुए जागरूक
बुरहानपुर। अब कानून सिर्फ किताबों तक नहीं, मोबाइल की स्क्रीन तक आ गया है! आज बुरहानपुर में नए आपराधिक कानूनों को एक साल पूरा होने पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जगह थी – परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम और मंच पर मौजूद थे जिले के तमाम बड़े अफसर। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश ने खुद मोर्चा संभाला और बताया – कैसे नया कानून आम जनता की ताकत बन रहा है।
दरअसल कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राएं, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर रक्षा समिति के सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया अब आम नागरिक कहीं से भी एमपी पुलिस वेबसाइट, एमपी कोप एप्प या सिटीजन पोर्टल के जरिए ई-एफआईआर दर्ज कर सकता है। पुलिस उस पर जांच कर एफआईआर दर्ज करेगी।
ये हैं नए कानून के 5 बड़े बदलाव – जो हर आम आदमी को जानने चाहिए
– ई-एफआईआर सुविधा- मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे दर्ज करें एफआईआर
– जीरो एफआईआर- कोई भी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा सकता है, आगे ट्रांसफर होगी
– ऑफिस फाइलिंग भी हुई ऑनलाइन- ई-ऑफिस से जवाबदेही और पारदर्शिता
– न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटल स्पीड- कार्रवाई अब फास्ट ट्रैक पर
– एनसीआरपी और सीईआईआर सिस्टम- मोबाइल गुमशुदगी और साइबर क्राइम का फौरन हल
अफसरों से छात्राओं के सवाल
ऑडिटोरियम में बैठी छात्राओं ने पूछा – क्या मोबाइल चोरी भी अब ऑनलाइन दर्ज हो सकती है?
जवाब मिला – हां, सीईआईआर सिस्टम से तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं मोबाइल। कार्यक्रम में शामिल कई छात्राओं और नागरिकों ने कानून को लेकर सवाल पूछे। पुलिस अफसरों ने सब कुछ सरल भाषा में समझाया। मौके पर मौजूद शिक्षकों और नगर रक्षा समिति के सदस्यों ने इस पहल की सराहना की।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में डीएसपी प्रीतम सिंह ठाकुर, कोतवाली थाना प्रभारी सीताराम सोलंकी, शिकारपुरा से कमल पवार, लालबाग के अमित जादौन, गणपति नाका से सुरेश महाले, शाहपुर से अखिलेश मिश्रा सहित पुलिस विभाग के कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास की टीम, छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।