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ज़मीन के नीचे मिला अतीत का राज़, लेकिन मालिक कर रहा ध्वस्त!
बुरहानपुर। शहर के राजपुरा क्षेत्र में एक मकान की नींव खुदाई के दौरान एक रहस्यमयी कक्ष और गुप्त मार्ग मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस अनोखी खोज ने क्षेत्रवासियों और इतिहास प्रेमियों को हैरान कर दिया है। स्थानीय लोग इसे पुरातत्वीय धरोहर मान रहे हैं, जबकि प्लॉट मालिक इसे 100 साल पुराना अनाज भंडारण कक्ष बताकर ध्वस्त करने की तैयारी में जुटे हैं।
खुदाई में मिला प्राचीन कक्ष, क्या है इसकी सच्चाई?
राजपुरा क्षेत्र में एक मकान के निर्माण के लिए नींव की खुदाई चल रही थी, तभी वहां पत्थरों से बना एक कमरा दिखाई दिया। जब खुदाई और आगे बढ़ी तो इसके साथ एक गुप्त रास्ता भी दिखा, जो किसी अज्ञात दिशा में जाता प्रतीत हो रहा है। इस रहस्यमयी खोज की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई।
क्या हो सकता है इस संरचना का इतिहास?
🔹 स्थानीय लोगों का दावा: यह कोई आम निर्माण नहीं, बल्कि सैकड़ों साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर हो सकती है।
🔹 पुरातत्व विशेषज्ञों का मत: इस प्रकार के गुप्त कक्ष और सुरंगों का उपयोग ऐतिहासिक रूप से युद्धकालीन समय में छिपने या गुप्त आवागमन के लिए किया जाता था।
क्षेत्रीय पार्षद अजय बालापुरकर ने कहा- यह सिर्फ एक अनाज भंडारण कक्ष नहीं हो सकता। यहां और खुदाई की जाए तो कई रहस्य सामने आ सकते हैं। प्रशासन को तुरंत जांच करनी चाहिए।
प्लॉट मालिक का दावा: कोई ऐतिहासिक धरोहर नहीं
मकान मालिक आनंद भगत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा यह कोई प्राचीन धरोहर नहीं, बल्कि 100 साल पुराना अनाज संग्रहण कक्ष है। अंदर कुछ खास नहीं है, इसलिए इसे ध्वस्त किया जा रहा है। हालांकि, जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि खुदाई लगातार जारी थी और लोगों के बीच इसे लेकर बहस हो रही थी।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
इतनी बड़ी ऐतिहासिक संभावना के बावजूद, अब तक कोई भी पुरातत्व विभाग या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं— क्या बिना उचित जांच के इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा? क्या यह बुरहानपुर के इतिहास का एक छुपा हुआ रहस्य हो सकता है? अगर यह कोई पुरातत्वीय धरोहर है, तो क्या इसे संरक्षित किया जाएगा?
स्थानीय जनता की मांग: होनी चाहिए विस्तृत जांच
राजपुरा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सरकार और पुरातत्व विभाग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और विशेषज्ञों की टीम भेजनी चाहिए। यदि यह कोई ऐतिहासिक धरोहर निकली, तो इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।