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ताप्ती का जलस्तर घटा, निगम अफसरों की लापरवाही से शहर में पानी के लिए बढ़ी बेचैनी

4-5 दिन से कई वार्डों में सप्लाई प्रभावित; कांग्रेस पार्षदों ने कलेक्टर से कहा- एक सप्ताह में पुरानी लाइन चालू नहीं हुई तो जनता के साथ आंदोलन करेंगे

On: May 12, 2026 8:16 PM
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ताप्ती नदी का जलस्तर घटने से बुरहानपुर में जल संकट, कलेक्टर से मिले पार्षद

बुरहानपुर। भीषण गर्मी ने शहर की जल व्यवस्था की पोल खोल दी है। 43 डिग्री तापमान के बीच ताप्ती नदी का जलस्तर तेजी से कम होने से बुरहानपुर में पेयजल संकट गहराने लगा है। कई वार्डों में पिछले चार-पांच दिनों से पानी की सप्लाई प्रभावित है। लोग पानी के लिए परेशान हैं और टैंकर, ट्यूबवेल व वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होने लगे हैं।

मंगलवार दोपहर कांग्रेस पार्षद दल कलेक्ट्रेट पहुंचा और कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर शहर की बिगड़ती जल व्यवस्था से अवगत कराया। पार्षदों ने साफ कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर पुरानी जल व्यवस्था बहाल कर उतावली नदी से पानी वितरण शुरू नहीं किया गया तो शहर में हाहाकार मच सकता है। ऐसी स्थिति में पार्षद आमजन के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।

समय रहते तैयारी नहीं की, इसलिए संकट गहराया

पार्षदों ने आरोप लगाया कि जल संकट अचानक पैदा नहीं हुआ, बल्कि नगर निगम अफसरों की लापरवाही और समय रहते वैकल्पिक तैयारी नहीं करने के कारण स्थिति गंभीर हुई है। गर्मी के मौसम में ताप्ती नदी का जलस्तर कम होना सामान्य बात है, इसके बावजूद निगम ने पहले से कोई ठोस प्लान नहीं बनाया। न तो पुरानी जल व्यवस्था को सक्रिय रखा गया और न ही वार्ड स्तर पर ट्यूबवेल, टैंकर और वैकल्पिक स्रोतों की मजबूत व्यवस्था की गई।

पार्षदों का कहना है कि यदि निगम अफसर समय रहते मैदान में उतरकर जल स्रोतों की स्थिति, एनीकट में उपलब्ध पानी और वार्डों की जरूरतों की समीक्षा करते, तो आज शहर को इस तरह पानी संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

बसाड़ एनीकट में पानी खत्म, लड़खड़ाई जलावर्धन योजना

शहर की जलापूर्ति 1 अरब 31 करोड़ रुपए की जलावर्धन योजना से जुड़ी है। योजना के तहत ग्राम बसाड़ स्थित एनीकट से पानी सप्लाई किया जा रहा था, लेकिन अब एनीकट में पानी खत्म होने से सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इसी कारण शहर के कई वार्डों में नियमित पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

स्थिति को संभालने के लिए बैतूल जिले के पारसडोह डैम से ताप्ती नदी में सात मिलियन पानी छोड़े जाने की बात कही जा रही है। लेकिन यह पानी 229 किलोमीटर का सफर तय कर बुरहानपुर पहुंचने में करीब 10 दिन ले सकता है। ऐसे में आने वाले दिन शहर के लिए और मुश्किल साबित हो सकते हैं।

पार्षद बोले- पुराना सिस्टम ही तत्काल राहत दे सकता है

कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल पुरानी जल व्यवस्था चालू करे। पार्षद अजय उदासीन ने कहा कि वार्डों में हालात खराब हैं। लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। हर वार्ड में ट्यूबवेल मौजूद हैं और पहले उतावली नदी आधारित व्यवस्था से पानी वितरण होता था। ऐसे में उसी पुराने सिस्टम को तुरंत शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह में व्यवस्था नहीं सुधरी तो पार्षद जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे। जल संकट अब केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि सीधे आमजन के जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।

पहले गंदा पानी मिला, अब सप्लाई भी बंद

पार्षदों ने जलावर्धन योजना और निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि योजना लागू होने के बाद कई क्षेत्रों में गंदा पानी सप्लाई हुआ। अब कंपनी यह कहकर जल वितरण रोक रही है कि ताप्ती नदी में पानी खत्म हो गया है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी के अधिकारी नगर निगम अफसरों की भी नहीं सुनते। वहीं निगम अफसरों ने भी समय रहते कंपनी पर नियंत्रण और निगरानी नहीं रखी। करोड़ों रुपए की योजना के बाद भी यदि गर्मी आते ही शहर पानी के लिए परेशान हो जाए, तो यह निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अमर यादव बोले- लंबे समय से पुरानी व्यवस्था शुरू करने की मांग कर रहे थे

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर यादव ने कहा कि वे लंबे समय से पुरानी जल व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे। नलों में गंदा पानी आने की शिकायतें पहले से सामने आ रही थीं। अब जिस डैम और एनीकट पर नई व्यवस्था निर्भर थी, वहां पानी खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम आयुक्त ने पुरानी व्यवस्था चालू करने का आश्वासन दिया है, लेकिन यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनता का आक्रोश बढ़ना तय है।

गर्मी में पानी संकट ने बढ़ाई शहरवासियों की चिंता

शहर में गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे में पानी की कमी ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। कई वार्डों में लोग सुबह से पानी का इंतजार कर रहे हैं। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज, बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। अब शहर की निगाहें जिला प्रशासन और नगर निगम पर टिक गई हैं। पार्षदों की चेतावनी के बाद प्रशासन पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का दबाव बढ़ गया है। यदि आने वाले दिनों में पुरानी लाइन या वैकल्पिक स्रोतों से जल वितरण शुरू नहीं हुआ, तो जल संकट बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

रास्तीपुरा में ट्यूबवेल खराब होने से 4 महीने से जल संकट भोग रहे रहवासी

शहर के वार्ड नंबर 38 रास्तीपुरा में 4 महीने से रहवासी जल संकट भोग रहे हैं। 43 डिग्री तापमान में लोग पानी के लिए इधर, भटक रहे हैं। अब आक्रोशित होकर मंगलवार शाम वार्ड के रहवासी जमा हुए और खाली बर्तन सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

Sadaiv Newsस्थानीय रहवासी व शिक्षक कमलेश पठराये ने बताया 4 माह से ट्यबवेल बंद पड़ा है जबकि 4 दिन से जलावर्धन योजना का पानी नहीं आया है। मुक बधिर स्कूल के पास निवासरत अधिकांश परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं और दूर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहा वार्ड नंबर 38 रास्तीपुरा में 4 महीने से जल संकट है। यहां एक ट्यूबवेल बंद पड़ा है। इससे पार्षद को भी अवगत कराया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। 4 दिन से निजी कंपनी की जलावर्धन योजना का भी पानी नहीं मिल रहा है। दूर दूर से पानी ला रहे हैं। कुछ महिलाओं ने कहा कि पानी नहीं होने से आज सुबह से घर पर खाना नहीं बना। महिलाओं और अन्य रहवासियों ने बर्तन रोड पर रखकर विरोध दर्ज किया।

इसे लेकर नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वहां के रहवासियों को ट्यूबवेल से ही पानी की आवश्यकत थी। उसकी मोटर निकलवाई थी। दो दिनों पहले तक तो वहां पानी की समस्या नहीं थी। हम मोटर मोटर वापस लगवा देंगे ताकि पानी की समस्या न हो, क्योंकि अभी ताप्ती नदी में पानी का जल स्तर काफी कम होने से निजी कंपनी जल वितरण नहीं कर पा रही है।

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