बुरहानपुर। जिले में प्रतिबंधित सलाई गोंद की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन तस्कर भी नए-नए तरीके खोज रहे हैं। इस बार तस्करों ने वन विभाग की निगरानी से बचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। अब तक पिकअप, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों से सलाई गोंद की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन पहली बार एक यात्री स्लीपर कोच बस की डिक्की से 782.5 किलो सलाई गोंद बरामद किया गया है।
बुरहानपुर वन मंडल की बोदरली रेंज टीम ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात यह बड़ी कार्रवाई करते हुए बस चालक, सह चालक, कंडक्टर और एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
सूचना मिली, बस रोकने का इशारा किया… चालक ने बढ़ा दी रफ्तार
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र से इंदौर की ओर जा रही एक स्लीपर कोच बस में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सलाई गोंद ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही बोदरली रेंज का अमला सक्रिय हो गया और संभावित मार्गों पर निगरानी शुरू कर दी गई।
रात करीब 2:20 बजे संदिग्ध बस क्रमांक एमपी-09-एफए-7995 दिखाई दी। वन अमले ने बस को रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका। इसके बाद टीम ने पीछा शुरू किया और बोदरली-दर्यापुर मार्ग पर बस को घेरकर रोक लिया। जब बस की तलाशी ली गई तो उसकी डिक्की में बड़ी मात्रा में भरा हुआ सलाई गोंद मिला। वजन कराने पर यह करीब 782.5 किलो निकला।
यात्रियों को नहीं होने दी परेशानी
कार्रवाई के दौरान बस में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। वन विभाग ने पहले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी। सभी यात्रियों को बस स्टैंड तक पहुंचाया गया और उनके गंतव्य तक भेजने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
चालक, कंडक्टर और तस्कर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में चालक फरीद पिता शौकत निवासी लोहारदा (जिला देवास), चालक दिलीप पिता जगदीश निवासी खंडवा, कंडक्टर ऋतिक पिता प्रमोद निवासी अकोला तथा गोंद की खेप ले जा रहा गोरेलाल पिता अनार सिंह निवासी करौली शामिल हैं। वहीं सुरेश पिता साधु निवासी भिंगार (महाराष्ट्र) मौके से फरार हो गया। वन विभाग उसकी तलाश में जुटा है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित है सलाई गोंद
बुरहानपुर वन विभाग के एसडीओ अजय सागर ने बताया कि जिले में सलाई गोंद के दोहन, संग्रहण और व्यापार पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद अवैध रूप से जंगलों से गोंद निकालकर बाहर भेजने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं।
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त की गई गोंद किस क्षेत्र से निकाली गई, इसे एकत्र करने में किन लोगों की भूमिका रही और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है। प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं बड़ी खेपें
पिछले कुछ महीनों में जिले में सलाई गोंद की कई खेपें पकड़ी जा चुकी हैं। हाल ही में शेखपुरा क्षेत्र में भी बड़ी मात्रा में गोंद जब्त की गई थी। लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए रास्ते और नए माध्यम तलाश रहे हैं। यात्री बस का उपयोग कर तस्करी करने का यह मामला वन विभाग के लिए भी नया अनुभव माना जा रहा है।
कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में बोदरली रेंजर लखनलाल वास्कले के नेतृत्व में सुनिल उमरे, गुलजार सिंह सोलंकी, विजय चवरे, संतोष तायड़े, दीपक राजपूत, छाया दांगोरे तथा वन विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।